डॉ एम विश्वेश्वरैया की जयंती पर तीन अभियंता सम्मानित, एम्स निदेशक ने नेत्र बैंक की स्थापना पर कही बात

देवघर में पेंशनर कल्याण समाज ने डॉ. एम. विश्वेश्वरैया की जयंती पर एक विशेष सम्मान समारोह आयोजित किया. इस अवसर पर एम्स निदेशक को सम्मानित किया गया और भविष्य में एम्स में नेत्र बैंक स्थापित करने की दिशा में पहल की बात कही गई.

देवघर : पेंशनर कल्याण समाज की ओर से भारत रत्न डॉ एम विश्वेश्वरैया की जयंती पर सम्मान समारोह का आयोजन किया गया. इसका उद्घाटन मुख्य अतिथि एम्स के कार्यकारी निदेशक प्रो डॉ नितिन एम गंगने, अध्यक्ष संतोष कुमार तथा सचिव जयप्रकाश सिंह ने किया. इसके बाद अतिथियों ने डॉ एम विश्वेश्वरैया की तस्वीर पर माल्यार्पण किया व उनकी जीवनी पर प्रकाश डाला.

एम्स निदेशक को किया गया सम्मानित

कार्यक्रम में एम्स निदेशक को अंगवस्त्र, स्मृति चिन्ह व डॉ विश्वेश्वरैया से संबंधित पुस्तक भेंट की गयी. स्वागत भाषण उपाध्यक्ष रामेश्वर सिंह ने दिया.

तीन अभियंताओं को मिला सम्मान

इस अवसर पर तीन अभियंताओं सत्येन्द्र परासर, गुप्तेश्वर प्रसाद व विश्वनाथ प्रसाद वर्मा को सम्मानित किया गया.

सुविधाएं उपलब्ध कराने का आश्वासन

मुख्य अतिथि एम्स निदेशक ने सरकारी मापदंड, दिशा निर्देश व सीमित साधनों के अंतर्गत यथा संभव सुविधा मुहैया कराने का आश्वासन दिया. साथ ही अंगदान, विशेषकर नेत्रदान के प्रति जागरूकता अभियान को प्रोत्साहित करने पर बल दिया.

एम्स में नेत्र बैंक की स्थापना की दिशा में पहल

उन्होंने कहा कि एम्स में शीघ्र ही नेत्र बैंक की स्थापना की दिशा में पहल की जायेगी.

अंगदान और देहदान की घोषणा

सचिव ने कहा कि डॉ विश्वेश्वरैया कर्तव्यपरायण, स्वाभिमानी, कर्मठ एवं उदार व्यक्तित्व के धनी थे. उनके राष्ट्रप्रेम, मानवता एवं संवेदनशीलता से प्रेरित होकर सचिव ने अंगदान व देहदान की घोषणा करते हुए संगठन के माध्यम से जागरूकता अभियान चलाने पर जोर दिया.

ये लोग रहे मौजूद

इस अवसर पर राम किशोर सिंह, केडी सिंह, गंगाधर सिंह, परमानंद मंडल, इन्द्रानन सिंह, फुलन प्रसाद, दीपक लाल, उमेश प्रसाद आदि मौजूद थे.

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By फाल्गुनी मारिक

विगत 32 वर्षों से प्रभात खबर में पत्रकारिता करते आ रहा हूं. विशेष तौर पर कोर्ट से संबंधित खबरों के अलावा श्रावणी विशेषांक -बिल्व पत्र में धार्मिक आलेख लेखन, दुर्गापूजा के अवसर पर निकाली गयी दुर्वाक्षत में धार्मिक लेख लिखने, सामयिक कॉलम कोर्ट कचहरी का चक्कर, क्राइम स्टोरी आदि लेखन का अनुभव है. साथ ही लोक भाषा खोरठा में कविता, कहानी लेखन का अनुभव है. झारखंड अधिविध परिषद रांची के वर्ग अष्टम के पाठ्यक्रम में तथा आचार्य विनोवा भावे विश्वविद्यालय में बीए की कक्षा के पाठ्यक्रम में कविता शामिल हो चुकी है. विभिन्न पत्र पत्रिकाओं में कविताएं, कहानियां व आलेखों का भी प्रकाशन हो चुका है.

प्रभात खबर में विगत 32 वर्षों से पत्रकारिता का अनुभव. विशेष तौर पर अदालत की खबरों पर पकड़ है. इसके अलावा विभिन्न प्रतिष्ठित पत्र पत्रिकाओं पर आलेख छपते रहा है. बिल्व पत्र श्रावणी विशेषांक में धार्मिक आलेख, सामयिक कॉलम- कोर्ट कचहरी का चक्कर, क्राइम स्टोरी आदि लेखन करते रहे हैं. लोक भाषा खोरठा की जानकारी है एवं इनकी कविता झारखंड अधिविध परिषद में वर्ग अष्टम तथा बिनोवा भावे विश्वविद्यालय में बीए पाठ्यक्रम में शामिल है.

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