चितरा में पारा 41 डिग्री पार, कोयला कर्मियों की बढ़ी मश्किलें

अस्पतालों में लू और डिहाइड्रेशन के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही

चितरा. कोलियरी क्षेत्र में इनदिनों तेज धूप ने लोगों की दिनचर्या पूरी तरह बिगाड़ दी है. मंगलवार को अधिकतम तापमान लगभग 41 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. सुबह नौ बजे के बाद ही धूप इतनी तेज हो जाती है कि सड़कों पर आवाजाही कम हो जाती है, जबकि दोपहर में स्थिति और विकराल हो जाती है. लोग अपने घरों में दुबकने को मजबूर हैं. साथ ही बढ़ती गर्मी का असर सबसे ज्यादा कैजुअल मजदूरों और श्रमिक वर्ग पर पड़ रहा है. कामकाज प्रभावित होने से उनके सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है. वहीं, स्कूल जाने वाले बच्चों को भी तेज गर्मी का सामना करना पड़ रहा है. चितरा कोलियरी में हालात और अधिक चिंताजनक बने हुए हैं. भीषण गर्मी के बीच कोयला कर्मियों और कैजुअल मजदूरों को काम करने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. कई स्थानों पर पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से कर्मियों में नाराजगी देखी जा रही है. मजबूरी में उन्हें बाजार से पानी खरीदना पड़ रहा है, जो व्यवस्था की कमी को उजागर करता है. दोपहर के समय बाजारों में सन्नाटा पसरा रहता है, जबकि शाम को थोड़ी राहत मिलने पर लोगों की आवाजाही बढ़ जाती है. अस्पतालों में लू और डिहाइड्रेशन के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है. चिकित्सकों ने लोगों को बिना जरूरी काम के धूप में बाहर न निकलने, अधिक पानी पीने और सतर्क रहने की सलाह दी है. स्थानीय लोगों का कहना है कि हर साल गर्मी का प्रभाव बढ़ता जा रहा है, लेकिन इस बार स्थिति ज्यादा गंभीर है. लोग अब मौसम में बदलाव और बारिश का इंतजार कर रहे हैं, ताकि इस भीषण गर्मी से कुछ राहत मिल सके.

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Published by: Sanjay kumar rana

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