देवघर : झारखंड के स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा संबंधी रिपोर्ट पर शिक्षा विभाग के अधिकारियों की सुस्ती सामने आयी है. राष्ट्रीय विद्यालय सुरक्षा नीति के तहत स्कूलों में सुरक्षा व्यवस्था से संबंधित त्रैमासिक रिपोर्ट भारत सरकार को भेजी जानी है. लेकिन देवघर समेत संताल परगना के कई जिलों से सितंबर 2026 की रिपोर्ट अब तक राज्य कार्यालय को उपलब्ध नहीं करायी गयी है. रिपोर्ट में हो रही देरी को लेकर राज्य परियोजना निदेशक ने नाराजगी जतायी है.
सभी डीइओ व डीएसइ को दिया अल्टीमेटम
झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद के राज्य परियोजना निदेशक शशि रंजन ने 10 सितंबर 2026 को सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों व जिला शिक्षा अधीक्षकों को पत्र जारी किया है. इसमें मार्च, जून और सितंबर 2026 की त्रैमासिक रिपोर्ट निर्धारित गूगल शीट में अविलंब उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है. निदेशक ने स्पष्ट किया है कि रिपोर्ट नहीं भेजे जाने पर संबंधित जिले के शिक्षा पदाधिकारी जिम्मेदार होंगे और कार्रवाई भी की जा सकती है.
सुरक्षा ऑडिट समेत कई बिंदुओं की देनी है जानकारी
रिपोर्ट में स्कूलों के संरचनात्मक व गैर-संरचनात्मक सुरक्षा ऑडिट, अग्निशमन यंत्रों की उपलब्धता, तड़ित चालक की व्यवस्था, मॉक ड्रिल और खतरनाक सामग्री के सुरक्षित भंडारण से संबंधित जानकारी देनी है. इसके अलावा सुरक्षा मानकों को पूरा करने वाले विद्यालयों को जारी मान्यता प्रमाण पत्र की स्थिति भी बतानी है.
सितंबर की रिपोर्ट तैयार हो रही : एडीपीओ
संजय कापरी, एडीपीओ, समग्र शिक्षा परियोजना, देवघर के अनुसार मार्च और जून माह की त्रैमासिक रिपोर्ट गूगल शीट के माध्यम से राज्य कार्यालय को भेज दी गयी है. सितंबर माह की रिपोर्ट अभी तैयार की जा रही है. एई स्तर से आवश्यक जानकारी संकलित की जा रही है.
