कार्यशाला में दी गयी आरटीआइ की जानकारी

मधुपुर के बावनबीघा के संवाद कार्यालय में कार्यक्रम

मधुपुर. शहर के बावनबीघा स्थित संवाद कार्यालय में बुधवार से जन सूचना अधिकार अधिनियम पर दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर आरंभ हुआ. प्रशिक्षण में कार्यकर्ता व ग्राम सभा के प्रतिनिधि शामिल हुए. इस अवसर पर जन सूचना अधिकार के विशेषज्ञ जेम्स हेरेंज ने करीब 45 प्रतिभागियों को जन सूचना अधिकार अधिनियम का इतिहास, सूचना अधिकार अधिनियम का आवेदन करने का तरीका समेत अन्य जानकारी विस्तार पूर्वक दी. जेम्स हेरेंज ने कहा जन सूचना अधिकार यानी राइट टू इनफार्मेशन एक अधिनियम है. इसके तहत कोई भी भारतीय नागरिक किसी भी सरकारी विभाग से जानकारी मांग सकता हैं. इसके तहत, नागरिकों को ज्यादातर सूचनाएं देने की शक्ति दी गयी है. नागरिक सरकार की कार्यशैली में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने में मदद कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि आरटीआइ के तहत, नागरिक भ्रष्टाचार को रोकने और लोकतंत्र को मजबूत बनाने में योगदान दे सकते हैं. आरटीआइ से जुड़ी कुछ खास बातें यह है कि किसी भी सार्वजनिक प्राधिकरण के पास मौजूद सूचना को पाया जा सकता है. आरटीआइ के तहत, किसी भी व्यक्ति से जुड़ी व्यक्तिगत जानकारी भी मांगी जा सकती है. आरटीआई के तहत, सूचना मांगने के लिए तय फॉर्म का इस्तेमाल करना होता है. आवेदन हिन्दी, अंग्रेजी या स्थानीय भाषा में लिखा जा सकता है. आवेदन इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से भी भेजा जा सकता है. मौके पर अबरार ताबिंदा, सीमांत, विजय, सीमा, अताउल, इंद्रदेव मंडल, इमानुएल किस्कू, मनोज मंडल, कुसुम देवी, वीणा देवी, लाइसेंन मरांडी, फागू रवानी, सुनीता मुर्मू, अफजल, जाफर शरीफ, कुसुम देवी, श्यामली समय दर्जनों प्रतिभागी मौजूद थे. ————————— मधुपुर के बावनबीघा के संवाद कार्यालय में कार्यक्रम आयोजित

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By Prabhat Khabar News Desk

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