मधुपुर. शहर के भेड़वा नवाडीह स्थित राहुल अध्ययन केंद्र में सोमवार को समारोह पूर्वक प्रसिद्ध समीक्षक डॉ शिव कुमार मिश्र की जयंती व आचार्य रामचंद्र शुक्ल पुण्यतिथि मनाया गया. इस अवसर पर दोनों विभूतियों की तस्वीर पर माल्यार्पण कर लोगों ने श्रद्धासुमन अर्पित किया गया. मौके पर जलेस के प्रांतीय सह सचिव धनंजय प्रसाद ने कहा कि डॉ शिव कुमार मिश्र जलेस के संस्थापकों में से एक थे. वो बहुमुखी प्रतिभा सम्पन्न व्यक्ति थे. उन्होंने साहित्य की विभिन्न विधाओं पर अपनी कलम चलायी है, पर उन्हें समीक्षक के रूप में ख्याति मिली. वो गुजरात विश्वविद्यालय से हिन्दी के विभागाध्यक्ष पद से सेवानिवृत्त हुये. उन्हें साहित्य अकादमी सम्मान व सोवियत रूस नेहरू सम्मान से सम्मानित किया गया. उन्होंने कहा कि आचार्य रामचंद्र शुक्ल निबंधकार, समीक्षक व अनुवादक थे. उनकी प्रसिद्ध रचना हिन्दी साहित्य का इतिहास, चिंतामणि , भ्रमर गीत व रस मीमांसा आदि है. हिन्दी साहित्य के ऐसे विभूतियों को याद करना लाजिमी है. कई अन्य लोगों ने भी अपने विचार व्यक्त किया.
डॉ शिव कुमार की जयंती व आचार्य रामचंद्र शुक्ल की पुण्यतिथि मनी
मधुपुर के भेड़वा नवाडीह के राहुल अध्ययन केंद्र में आयोजन
