प्रमुख संवाददाता, देवघर : प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह डालसा के अध्यक्ष कौशल किशोर झा, डीसी नमन प्रियेश लकड़ा व एसपी सौरभ की संयुक्त अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में एक दिवसीय विधिक कार्यशाला का आयोजन किया गया. इसका उद्देश्य विधिक जानकारी का प्रसार एवं प्रशासनिक पदाधिकारियों में कानूनी जागरूकता बढ़ाना है. कार्यशाला को संबोधित करते हुए पीडीजे ने कहा कि कानून की जानकारी केवल न्यायपालिका तक सीमित नहीं रहनी चाहिए. उन्होंने कहा कि विधिक साक्षरता के माध्यम से आम नागरिक अपने अधिकारों के प्रति सजग बन सकते हैं. उन्होंने निःशुल्क कानूनी सहायता व मध्यस्थता के जरिये मामलों के त्वरित निपटारे पर विशेष जोर दिया. साथ ही न्यायपालिका और प्रशासन के बेहतर समन्वय की आवश्यकता बतायी. तकनीकी सत्र में माइनिंग मिनरल नियमावली, अवैध खनन पर कार्रवाई और संबंधित धाराओं की जानकारी दी गयी. अधिकारियों को एफआइआर दर्ज करने की विधिक प्रक्रिया, नागरिकों के मौलिक अधिकार एवं कर्तव्यों के साथ-साथ प्रशासनिक कार्यों में कानूनी प्रावधानों के सही क्रियान्वयन की जानकारी दी गयी.
घरेलू हिंसा व नशा मुक्ति पर विशेष जोर
कार्यशाला में घरेलू हिंसा से महिला संरक्षण अधिनियम, 2005 के तहत महिलाओं के अधिकारों, हेल्पलाइन 181/1091 एवं शिकायत प्रक्रिया की जानकारी दी गयी. साथ ही एनडीपीएस एक्ट के तहत नशे के दुष्प्रभाव और सजा के प्रावधानों से अधिकारियों को अवगत कराया गया.
विकास और कानून एक-दूसरे के पूरक : डीसी
डीसी ने कहा कि कानून केवल दंड का माध्यम नहीं, बल्कि विकास को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का सशक्त उपकरण है. उन्होंने योजनाओं के क्रियान्वयन में कानूनी प्रावधानों के पालन और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिये.
पुलिस-जन विश्वास मजबूत करने पर बल
एसपी ने जनसुरक्षा और पुलिस-जन विश्वास को मजबूत करने पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि कानून के प्रभावी क्रियान्वयन में जनता की सहभागिता आवश्यक है. कार्यशाला में विभिन्न विभागों के पदाधिकारी, पुलिस अधिकारी एवं सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित थे.
हाइलाइट्ससमाहरणालय सभागार में एक दिवसीय विधिक कार्यशाला
