जयंती पर याद किये गये सखाराम गणेश देउस्कर

मधुपुर के भेड़वा नावाडीह स्थित राहुल अध्ययन केंद्र में क्रांतिवीर

मधुपुर. शहर के भेड़वा नावाडीह स्थित राहुल अध्ययन केंद्र में क्रांतिवीर लेखक सखाराम गणेश देउस्कर की जयंती मनायी गयी. इस अवसर पर उनकी तस्वीर पर माल्यार्पण कर लोगों ने श्रद्धासुमन अर्पित किया. मौके पर धनंजय प्रसाद ने कहा कि सखाराम गणेश देउस्कर एक क्रांतिकारी, स्वतंत्रता सेनानी, दार्शनिक, निर्भीक पत्रकार, लेखक, शिक्षाविद् व समाज सुधारक थे. उन्होंने देश की आजादी के खातिर अपना सर्वस्व निक्षावर कर दिया था. उन्होंने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ अपनी लेखनी के माध्यम से युवाओं में विद्रोही की चिंगारी फूंकने का काम किया. वो हितकारी पत्रिका के माध्यम से हुकूमत पर जोरदार प्रहार करते रहते थे. उनकी महत्वपूर्ण कृति देशरेकथा है. 17 दिसंबर 1867 में उनका जन्म संताल परगना का सबसे बड़ा गांव करौं में एक देशभक्त परिवार में हुआ था. उनकी शिक्षा देवघर के आर मित्रा हाई स्कूल में हुई थी. बाद में वो वहीं शिक्षक नियुक्त हुए. मात्र 42 वर्ष की उम्र में वो दुनियां छोड़कर चले गये. ऐसे क्रांतिकारी पत्रकार व युवाओं को प्रेरणा लेने की जरूरत है. इस अवसर पर अन्य लोगों ने भी अपने विचार रखे.

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