कमतौल : नवगठित नगर पंचायत कमतौल-अहियारी में कुर्सी को लेकर चल रहा विवाद अब थाना तक पहुंच गया है. बोर्ड की बैठक में हंगामे के बाद आधा दर्जन वार्ड पार्षदों ने मुख्य पार्षद रंजीत कुमार प्रसाद पर जान-माल की धमकी देने और जानलेवा हमले की साजिश रचने का आरोप लगाया है. पार्षदों ने संयुक्त रूप से कमतौल थाना में आवेदन देकर प्राथमिकी दर्ज करने के साथ पुलिस सुरक्षा की मांग की है.
बोर्ड बैठक के दौरान धमकी देने का आरोप
घटना दो सितंबर की बताई गई है. नगर पंचायत कार्यालय सभागार में दोपहर एक बजे सामान्य बोर्ड की बैठक चल रही थी. वार्ड 11 के पार्षद अभिषेक कुमार ने आवेदन में आरोप लगाया कि जनहित की योजनाओं पर बहुमत से निर्णय लिया जा रहा था. उनके बहुमत का समर्थन करने पर मुख्य पार्षद ने आपा खो दिया और कथित तौर पर गंभीर परिणाम भुगतने तथा जान से मारने की धमकी दी. अभिषेक कुमार ने अलग से भी आवेदन दिया है.
पार्षदों ने पुलिस सुरक्षा की मांग की
संयुक्त आवेदन में वार्ड 11, वार्ड 10, वार्ड 02 और वार्ड 01 सहित कई पार्षदों व प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि मुख्य पार्षद के कथित अनियमित एवं असंवैधानिक कार्यों के खिलाफ राज्य निर्वाचन आयोग, पटना में शिकायत विक्रम कुमार बनाम रंजीत कुमार प्रसाद दर्ज है. आयोग तथा जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-जिलाधिकारी ने मुख्य पार्षद को तलब कर जांच प्रतिवेदन मांगा है.
पार्षदों ने आशंका जताई है कि पद खतरे में पड़ने के कारण उन्हें निशाना बनाया जा सकता है. उन्होंने प्राथमिकी, सुरक्षा और गश्त की मांग की है.
मुख्य पार्षद ने आरोपों को बताया निराधार
मुख्य पार्षद रंजीत कुमार प्रसाद ने आरोपों को निराधार बताया. उन्होंने कहा कि बैठक की पूरी वीडियोग्राफी कराई गई है, जांच में सब सामने आ जाएगा.
कार्यपालक पदाधिकारी प्रिंसी कुमारी ने कहा कि बोर्ड बैठक में बहस सामान्य है. धमकी देने जैसे आरोप की उन्हें जानकारी नहीं है.
