अस्पताल कर्मी बनकर डिलीवरी का पैसा दिलाने का झांसा, एप डाउनलोड कराकर चार बार में उड़ाये 57 हजार

गोड्डा के देवेंद्र कुमार अस्पताल कर्मी बनकर डिलीवरी के पैसे दिलाने के झांसे में आ गए. ठग ने उन्हें एक ऐप डाउनलोड करने को कहा, जिसके बाद उनके खाते से चार बार में 57 हजार रुपये उड़ा दिए गए. पैसे कटने का मैसेज मिलने पर उन्हें साइबर ठगी का एहसास हुआ.

देवघर : गोड्डा जिले के मुफ्फसिल थाना क्षेत्र निवासी देवेंद्र कुमार साइबर ठगी के शिकार हो गये. अज्ञात मोबाइल धारक ने सात सितंबर को खुद को गोड्डा अस्पताल का कर्मी बताते हुए उन्हें फोन किया और पत्नी की डिलीवरी का पैसा दिलाने का झांसा दिया.

हेल्प डेस्क होस्ट एप कराया डाउनलोड

इसके बाद ठग ने देवेंद्र कुमार को हेल्प डेस्क होस्ट एप डाउनलोड करने को कहा. ठग के कहने पर देवेंद्र कुमार ने एप डाउनलोड कर लिया. एप डाउनलोड करने के बाद उनके खाते से गूगल पे और फोन पे के माध्यम से चार बार में कुल 57 हजार रुपये ट्रांसफर कर लिये गये.

चार बार में निकाले 57 हजार

पीड़ित के अनुसार, फोन करने वाले व्यक्ति ने बातचीत के दौरान अस्पताल कर्मी होने का दावा किया था. उसने पत्नी की डिलीवरी का पैसा दिलाने की बात कहते हुए एप डाउनलोड करने के लिए कहा. एप डाउनलोड होते ही पहली बार खाते से 10 हजार रुपये, दूसरी बार 18 हजार रुपये, तीसरी बार 10 हजार रुपये और चौथी बार 19 हजार रुपये ट्रांसफर कर लिये गये. इस तरह कुल 57 हजार रुपये की निकासी हो गयी.

मैसेज मिलने पर ठगी का हुआ एहसास

मोबाइल पर रुपये निकासी का मैसेज मिलने के बाद देवेंद्र को अपने साथ साइबर ठगी होने का एहसास हुआ. इसके बाद उन्होंने सबसे पहले अपने स्थानीय थाना में मामले की शिकायत दी.

ऑनलाइन भी दर्ज करायी शिकायत

मंगलवार को वह मामले की शिकायत लेकर देवघर साइबर थाना पहुंचे. देवघर साइबर थाना में शिकायत देने पर पीड़ित को बताया गया कि मामला दूसरे जिले से संबंधित है. उन्हें अपने स्थानीय थाना में ही शिकायत देने को कहा गया. इसके बाद पीड़ित ने साइबर थाना के टोल फ्री नंबर के माध्यम से ऑनलाइन शिकायत भी दर्ज करायी है.

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लेखक के बारे में

By आशीष कुंदन

आशीष कुंदन 26 वर्षों से हिंदी पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में प्रभात खबर, देवघर में वरीय संवाददाता के रूप में कार्यरत हैं. इसके पूर्व हिंदुस्तान, आज सहित कई प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में अपनी सेवाएं दी हैं. वर्ष 2012 से वे प्रभात खबर, देवघर में क्राइम बीट की खबरों को तथ्यपरक व प्रभावी ढंग से पाठकों तक पहुंचा रहे हैं. पत्रकारिता करते हुए उन्होंने वर्ष 2015 में नालंदा ओपन यूनिवर्सिटी से बीजेएमसी की डिग्री ली. साइबर अपराध और नशे की गिरफ्त में फंसते युवाओं पर लिखी गयी उनकी एक्सक्लूसिव सीरीज स्टोरी ने न सिर्फ व्यापक चर्चा बटोरी, बल्कि संबंधित मामलों में कार्रवाई भी हुई. सधी हुई लेखन शैली, जमीनी रिपोर्टिंग और विश्वसनीय खबरों के लिए वे पत्रकारिता जगत में एक अलग पहचान रखते हैं.

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