करौं : प्रखंड क्षेत्र के किसानों ने वर्ष 2025 में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत कराये गये बीमा की राशि के भुगतान में बीमा कंपनी पर बिचौलियों के साथ कथित सांठगांठ कर मनमाने ढंग से भुगतान करने का आरोप लगाया है। किसानों का कहना है कि बीमा राशि के भुगतान में पारदर्शिता नहीं बरती जा रही है, जिसके कारण बड़ी संख्या में किसान अब तक लाभ से वंचित हैं।
करौं पंचायत, डिडाकोली, सिरसा, टेकरा, गंजोबारी, रानीडीह समेत विभिन्न पंचायतों के किसानों ने वर्ष 2025 में अपनी फसलों को संभावित नुकसान से बचाने के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बीमा कराया था। किसानों का आरोप है कि बीमा कंपनी के कर्मियों ने प्रखंड के कुछ बिचौलियों के साथ कथित मिलीभगत कर गिने-चुने किसानों के बैंक खातों में करीब एक सप्ताह पूर्व बीमा राशि का भुगतान किया है।
कुछ किसानों को भुगतान, हजारों अब भी इंतजार में
किसानों के अनुसार, करौं पंचायत में करीब एक दर्जन किसानों को ही बीमा राशि का लाभ मिला है। वहीं, रानीडीह पंचायत के अधिकांश गांवों में भी बिचौलियों और बीमा कंपनी की कथित मिलीभगत से बीमा राशि का भुगतान किये जाने का आरोप लगाया गया है। किसानों ने पूरे मामले को जांच का विषय बताते हुए भुगतान प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
प्रखंड कार्यालय से कृषक मित्रों तक काट रहे चक्कर
बीमा राशि का भुगतान नहीं होने से किसान प्रखंड कार्यालय, कृषक मित्रों समेत विभिन्न जगहों का चक्कर काटकर परेशान हैं। किसानों ने उपायुक्त से वर्ष 2025 में मोंथा चक्रवात के कारण धान की फसल को हुए नुकसान की जांच कराने के साथ-साथ बीमा कंपनी द्वारा किये गये भुगतान की पूरी प्रक्रिया की जांच कराने की मांग की है।
धान की फसल पूरी तरह नष्ट होने का दावा
किसान सरोज सिंह, मनोज सिंह, मनोहर रवानी, ध्वजाधारी चौधरी, रामदेव चौधरी, संजीव राय, विकास कुमार राय, मदन चौधरी और हृदय नारायण चौधरी आदि ने बताया कि वर्ष 2025 में मोंथा चक्रवात के कारण उनकी धान की फसल पूरी तरह नष्ट हो गयी थी। इसे लेकर प्रखंड में शिकायत भी की गयी थी, लेकिन किसानों के अनुसार बीमा कंपनी की ओर से मामले में कोई सुनवाई नहीं की गयी।
निष्पक्ष जांच और सभी पात्र किसानों को भुगतान की मांग
किसानों का आरोप है कि आनन-फानन में कुछ लोगों के खेतों की जांच कर कथित बिचौलियों की मदद से उन्हें बीमा राशि का भुगतान कर दिया गया, जबकि हजारों किसान अब भी राशि मिलने का इंतजार कर रहे हैं। किसानों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर पात्र सभी किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की राशि का भुगतान कराने की मांग की है।
