Deoghar News : तीन माह में ब्लड बैंक हो जायेगा चालू, न्यूरो और गाइनी सर्जरी में आयेगी तेजी : एम्स निदेशक

देवघर एम्स में इमरजेंसी सेवा के शुभारंभ के साथ ही देवघर के स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में एक नया अध्याय जुड़ गया. एम्स में अब मरीजों को 24 घंटे चिकित्सा सुविधा मिल सकेगी. खास बात यह है कि देश में पहली बार स्त्रियों के लिए समर्पित गाइनी इमरजेंसी सेवा यहीं से शुरू की गयी है.

संवाददाता, देवघर : देवघर एम्स में इमरजेंसी सेवा के शुभारंभ के साथ ही देवघर के स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में एक नया अध्याय जुड़ गया. एम्स में अब मरीजों को 24 घंटे चिकित्सा सुविधा मिल सकेगी. खास बात यह है कि देश में पहली बार स्त्रियों के लिए समर्पित गाइनी इमरजेंसी सेवा यहीं से शुरू की गयी है. अत्याधुनिक उपकरणों से सुसज्जित इस सेवा में तीन जोन—रेड, येलो और ग्रीन बनाये गये हैं, जहां रोगियों की स्थिति के अनुसार इलाज किया जायेगा. दो ऑपरेशन थिएटर, सिटी एक्स-रे और आधुनिक गाइनी ऑपरेशन थिएटर जैसी सुविधाएं भी शुरू की गयी हैं. इमरजेंसी सेवा के शुभारंभ पर देवघर एम्स के निदेशक डॉ सौरभ वार्ष्णेय ने कहा कि इस इलाके में इमरजेंसी सेवा काफी आवश्यक थी. स्थानीय सांसद डॉ निशिकांत दुबे द्वारा काफी पहले से ही इस सेवा को शुरू करने का निर्देश दिया गया था, जिसे लेकर एम्स की पूरी टीम प्रयासरत थी. एम्स का इमरजेंसी हर तरीके की मरीज को भर्ती लेने में सक्षम है. ब्लड बैंक का 90 फ़ीसदी काम हो चुका है. ब्लड बैंक का लाइसेंस देने वाली अथॉरिटी टीम का एक निरीक्षण हो चुका है. तीन महीने में ब्लड बैंक का लाइसेंस मिल जायेगा और सुविधा चालू हो जायेगी. यह ब्लड बैंक कंपोनेंट में चलेगा, इस कारण यह काफी उपयोगी है. इस कंपोनेंट से तीन बोतल खून के जरिये छह लोगों को मदद की जा सकती है. ऐसा ब्लड बैंक तैयार किया जायेगा. उन्होंने कहा कि ट्रॉमा और न्यूरो सर्जरी के मरीजों को रक्त की ज्यादा जरूरत होती है. न्यूरो सर्जरी एक जटिल ऑपरेशन है, उसमें भी ब्लड की काफी जरूरत होती है. ब्लड बैंक चालू होने से ट्रामा और न्यूरो के मरीजों का ऑपरेशन चालू हो पायेगा. स्टैन लगाने के लिए कैथ लैब तैयार हार्ट के मरीजों के लिए कार्डियक सर्जन है, उसमें स्टैन डालने के लिए प्लानर कैथलैब तैयार किया गया है. इसके लिए एक एटॉमिक एनर्जी रेगुलेटरी बोर्ड मुंबई को आवेदन कर दिया गया है. स्वीकृति मिलने के बाद कैथलैब चालू हो जायेगा और हार्ट अटैक के मरीजों का भी स्टैन लगाने की सुविधा यहां चालू हो जायेगी. इस इमरजेंसी सेवा के लिए कुल 30 बेड हैं, जिसमें 20 पुरुष व 10 महिलाओं के लिए है. इमरजेंसी सेवा में 24 घंटे डॉक्टरों की ड्यूटी लगायी जायेगी. इसमें दो मेडिकल ऑफिसर की ड्यूटी रहेगी. कुल 15 मेडिकल ऑफिसरों की ड्यूटी रोस्टर के अनुसार लगायी जायेगी, जबकि मरीज की बीमारी के अनुसार कॉल पर 15 मिनट के अंदर संबंधित स्पेशलिस्ट डॉक्टर आ जायेंगे. रेड और यलो जोन में तीन-तीन बेड और ग्रीन जोन में दो बेड लगाये गये हैं, जबकि एक बेड अतिरिक्त है. इसके बाद 30 अतिरिक्त बेड है, जहां मरीज को स्थिति के अनुसार रखा जायेगा. रेड जोन में अति गंभीर, येलो जोन में स्थिर और ग्रीन जोन में डेंजर जोन से बाहर वाले मरीज रहेंगे. जबकि इमरजेंसी के अतिरिक्त वार्ड में कुछ घंटे तक इलाज कर रिकवर करने के बाद मरीज को सामान्य वार्ड में शिफ्ट किया जायेगा. इमरजेंसी में 30 रुपये में रजिस्ट्रेशन, 25 रुपये बेड चार्ज निदेशक ने बताया कि इमरजेंसी में अमृत फार्मेसी का एक बड़ा काउंटर भी खोला गया है, जहां रियायत दरों पर दवाइयां मिलेगी. इमरजेंसी में मात्र 30 रुपये में रजिस्ट्रेशन होगा और रोगियों को 25 रुपये बेड के हिसाब से शुल्क देना होगा. मरीज को 25 रुपये में खाना भी दिया जा रहा है. उन्होंने बताया कि गाइनो में फिलहाल डिलीवरी की प्राथमिकता वैसे मरीजों को दी जायेगी, जिनका पहले से ओपीडी से इलाज चल रहा है. इनमें फॉलोअप मरीजों को प्राथमिकता दी जायेगी. गाइनो की इमरजेंसी में भी ऑपरेशन के लिए अतिरिक्त ब्लड की आवश्यकता पड़ती है. इस इलाके में बड़ी संख्या में एनीमिया के मरीज है. दो-तीन हीमोग्लोबिन वाले मरीज की संख्या अधिक होती है. ऐसी स्थिति में पूरी तरह से ब्लड बैंक चालू होने के बाद इमरजेंसी में दो-तीन हीमोग्लोबिन वाले मरीजों का ऑपरेशन संभव हो पायेगा. वैसे देवघर एम्स में गाइनी का इलाज पहले से चालू है. अब तक 4500 डिलीवरी देवघर एम्स में हो चुकी है. हाइलाइट्स देवघर एम्स में इमरजेंसी सेवा के शुभारंभ, बोले एम्स निदेशक देवघर एम्स की इमरजेंसी हर तरह के मरीजों को भर्ती लेने में सक्षम

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Author: AMRENDRA KUMAR

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