सारवां. थाना क्षेत्र की बंदाजोरी पंचायत अंतर्गत अंबाकोलवा नावाडीह गांव निवासी प्रवासी मजदूर गोविंद मांझी (24) की गुजरात के राजकोट में मौत हो गयी. शनिवार को उनका शव पैतृक गांव पहुंचते ही पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गयी और घर-परिवार में कोहराम मच गया. बताया गया कि गोविंद करीब 15 दिन पहले ही रोजगार की तलाश में गुजरात के राजकोट गया था. वह अपने परिवार का इकलौता कमाऊ सदस्य था, जिससे घर का खर्च चलता था. उनकी असमय मौत से परिवार की आर्थिक स्थिति पर भी गंभीर संकट खड़ा हो गया है. जानकारी के मुताबिक, गोविंद की शादी कुछ वर्ष पहले हुई थी.उनके पीछे पत्नी, माता-पिता और पूरा परिवार शोक में डूबा हुआ है. पत्नी और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. स्थानीय लोगों ने बताया कि इससे पहले इसी गांव के एक अन्य प्रवासी मजदूर सिकंदर मांझी की भी तमिलनाडु में मौत हो चुकी है, जिससे गांव में लगातार हो रही ऐसी घटनाओं को लेकर चिंता बढ़ गयी है. इस अवसर पर समाजसेवी शंभू हजरा, सहायक अध्यापक संघ के प्रखंड अध्यक्ष सुमन राय, टीम बदल के मुन्ना राय सहित कई ग्रामीण और जनप्रतिनिधि पहुंचे और शोक संतप्त परिवार से मिलकर उन्हें ढांढस बंधाया. पूर्व कृषि मंत्री बादल पत्रलेख ने कहा कि प्रवासी श्रमिक कानून के तहत सरकार की ओर से नियमानुसार सभी आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जायेगी. —- दो प्रवासी मजदूरों की लगातार मौत से गांव में दहशत कमाने गया था बाहर, लौट आया ताबूत में गोविंद मांझी
गुजरात के राजकोट में मजदूर की मौत, गांव में पसरा सन्नाटा
राजकोट में प्रवासी मजदूर गोविंद मांझी की मौत, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
