सारवां में लाभुकों को नहीं मिल पा रहा सावित्री बाई फुले योजना का लाभ

कार्यालयों के चक्कर काट रहीं किशोरियां, योजना का लाभ अधर में

सारवां. प्रखंड क्षेत्र में 2 अप्रैल 2006 से 1 अप्रैल 2007 के बीच जन्मी तथा 18 से 19 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुकी लड़कियों का सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना में आवेदन अपलोड नहीं हो पा रहा है. इसके कारण विभिन्न गांवों की योग्य लाभुकों को योजना का लाभ नहीं मिल रहा है. लाभुक बाल विकास परियोजना कार्यालय का चक्कर लगाकर परेशान हैं. लाभुकों ने बताया कि झारखंड सरकार की इस योजना का उद्देश्य बाल विवाह पर रोक लगाना, बालिका शिक्षा को बढ़ावा देना और किशोरियों को आत्मनिर्भर बनाना है. योजना के तहत आठवीं से बारहवीं तक की छात्राओं को आर्थिक सहायता देकर उनकी पढ़ाई बीच में न छूटे, इसके लिए प्रोत्साहन दिया जाता है. साथ ही किशोरियों को अपने जीवन से जुड़े निर्णय लेने तथा उच्च शिक्षा के लिए प्रेरित करने का भी लक्ष्य है. लाभुकों का आरोप है कि विभागीय उदासीनता के कारण योग्य बालिकाएं योजना के लाभ से वंचित हो रही हैं. जानकारी के अनुसार वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न इलाकों से कई आवेदन बाल विकास परियोजना कार्यालय, सारवां को प्राप्त हुए थे. इनमें 28 योग्य लाभुकों का ऑनलाइन आवेदन भी किया गया, लेकिन फंड उपलब्ध रहने के बावजूद भुगतान नहीं हो सका. समस्या यह है कि पोर्टल पर 2 अप्रैल 2006 से 1 अप्रैल 2007 तक की जन्मतिथि दर्ज करने का विकल्प नहीं है, जिससे 18 वर्ष पूर्ण कर चुके लाभुकों का आवेदन ऑनलाइन नहीं हो पा रहा है. वहीं विभाग ने 29 मई 2026 को पत्र जारी कर लाभुकों का ऑनलाइन आवेदन करने का निर्देश दिया है. इस संबंध में बीडीओ सह सीडीपीओ रजनीश कुमार ने कहा कि प्रखंड स्तर पर किसी प्रकार की त्रुटि नहीं है. प्राप्त आवेदनों को स्वीकृत कर जिला कार्यालय भेज दिया जाता है.

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Author: LILANAND JHA

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