भूमि अधिग्रहण में अनियमितता का आरोप, अंचल कार्यालय में किया प्रदर्शन

मोहनपुर के नकटी गांव में रिंग रोड निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को लेकर ग्रामीणों ने विरोध जताया है। रैयतों ने ग्राम सभा की निष्पक्षता पर सवाल उठाए और उप निरीक्षक जगदीश उरांव पर वंशावली में हेरफेर का आरोप लगाया है। इससे कई परिवार अपने पैतृक जमीन के अधिकार और मुआवजे से वंचित हो रहे हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि ग्राम सभा केवल औपचारिकता थी और बिना सूचना के हेरफेर कर वास्तविक हिस्सेदारों को सूची से बाहर किया गया। उन्होंने वर्तमान प्रक्रिया रद्द कर पुनः ग्राम सभा कराने की मांग की है और जब तक सुधार नहीं होगा वे निर्माण कार्य की अनुमति नहीं देंगे। तहसीलदार ने जांच का आश्वासन दिया है और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई का संकेत दिया है।

नकटी गांव में रिंग रोड भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया के खिलाफ रैयतों ने उठायी आवाज ग्राम सभा की निष्पक्षता पर सवाल, ग्रामीणों ने लगाया अनियमितता का आरोप प्रतिनिधि, मोहनपुर मोहनपुर प्रखंड अंतर्गत नकटी गांव में रिंग रोड निर्माण के लिए हो रहे भूमि अधिग्रहण को लेकर विवाद गहरा गया है. सोमवार को बड़ी संख्या में प्रभावित रैयत मोहनपुर अंचल कार्यालय पहुंचे और विरोध प्रदर्शन करते हुए सीओ अमृता कुमारी को आवेदन सौंपकर न्याय की मांग की. ग्रामीणों ने भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया में अनियमितता का आरोप उप निरीक्षक जगदीश उरांव पर लगाया है. वंशावली से नाम हटाने का आरोप बिरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कर रही बिहरोजी गांव निवासी रतनी देवी ने बताया कि उनका मायका नकटी गांव फतेहपुर मौजा में है. रिंग रोड निर्माण के लिए उनके मायके की जमीन अधिग्रहित की जा रही है. आरोप है कि उप निरीक्षक ने उनके रिश्तेदारों के साथ मिलीभगत कर वंशावली से उनका और उनकी बहनों का नाम विलोपित कर दिया है, जिससे वे पैतृक जमीन के उचित मुआवजे और अधिकार से वंचित हो रही हैं. ग्राम सभा पर सवाल ग्रामीण शांति देवी, दिगंबर मांझी, संजय मांझी, घनश्याम यादव, गीता देवी और श्रीकांत यादव ने कहा कि पूर्व में अंचल कार्यालय द्वारा आयोजित ग्राम सभा केवल औपचारिकता थी. ग्रामीणों का कहना है कि जिस दिन वे बैठक में पहुंचे, उसी दिन उप निरीक्षक द्वारा बैठक टाल दी गई. इसके बाद बिना सूचना के ग्राम सभा कर वंशावली में हेरफेर किया गया और वास्तविक हकदारों को सूची से बाहर कर दिया गया. वर्तमान प्रक्रिया रद्द कर पुनः ग्राम सभा की मांग हंगामे के दौरान ग्रामीणों ने एक सुर में मांग की कि वर्तमान प्रक्रिया को रद्द कर पुनः ग्राम सभा आयोजित की जाए. उनका कहना है कि जब तक वंशावली में सुधार कर सभी हिस्सेदारों को शामिल नहीं किया जाता, तब तक वे अपनी जमीन पर किसी भी निर्माण कार्य की अनुमति नहीं देंगे. क्या कहतीं हैं सीओ रैयतों ने आवेदन दिया है, जिसकी जांच की जायेगी. इसमें यदि कर्मचारी दोषी पाये जायेंगे तो उनपर कार्रवाई की जायेगी.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Shrawan

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
और पढ़ें
Tags

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >