कालाजार उन्मूलन को लेकर विशेषज्ञों ने साझा किये उपाय

देवीपुर : कालाजार के निदान व प्रबंधन को लेकर एम्स में कार्यशाला आयोजित

देवीपुर. राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी, वेक्टर जनित रोग नियंत्रण (वीबीडी) झारखंड के निर्देशानुसार बुधवार को एम्स देवघर में कालाजार (विसरल लीशमैनियासिस) एवं पीकेडीएल के निदान और प्रबंधन पर एक दिवसीय कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया. कार्यशाला का उद्देश्य दुमका, गोड्डा, पाकुड़, साहिबगंज, देवघर और जामताड़ा सहित विभिन्न जिलों के चिकित्सा पदाधिकारियों, स्वास्थ्यकर्मियों तथा एम्स देवघर और पीजेएमसीएच के डॉक्टरों की क्षमता को सुदृढ़ करना था, ताकि जटिल मामलों का प्रभावी उपचार सुनिश्चित हो सके. कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और स्वागत संबोधन से हुई. राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. बिरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि झारखंड ने वर्ष 2023 में कालाजार उन्मूलन का लक्ष्य हासिल कर लिया है और इसे बनाये रखने के लिए बहुआयामी प्रयास जारी हैं. उन्होंने समन्वित प्रयास और तकनीकी दक्षता को नियंत्रण मजबूत करने की कुंजी बताया. एम्स देवघर के कार्यकारी निदेशक प्रो. (डॉ.) नितिन एम. गंगाने ने कहा कि मेडिकल कॉलेज उपचार के साथ-साथ अनुसंधान और प्रशिक्षण के जरिये भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. तकनीकी सत्र में आईसीएमआर-आरएमआरआईएमएस, पटना के निदेशक डॉ कृष्णा पांडे ने जटिल मामलों में सटीक निदान और प्रोटोकॉल आधारित उपचार पर जोर दिया. वहीं, प्रो. (डॉ.) मिताली चटर्जी ने पीकेडीएल की समय पर पहचान को आवश्यक बताया. कार्यशाला में विशेषज्ञों ने विभिन्न विषयों पर चर्चा कर भविष्य की रणनीति तय की. इस अवसर पर 60 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया. समापन पर कहा गया कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम जमीनी स्तर पर उपचार की गुणवत्ता सुधारने में अहम भूमिका निभाते हैं. हाइलार्ट्स : एम्स देवघर में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन

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By Sivandan barwal

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