देवघर : करीब 7:15 बजे शाम में पत्नी पूनम वर्मा के साथ राजकिशोर चरकीपहड़ी में संतोष के नये मकान के गृहप्रवेश का निमंत्रण खाकर निकल रहे थे. उनलोगों के साथ में हिमांशु भी था. संतोष के गेट पर लगी अपनी बुलेट बाइक (जेएच 15 के 2661) के पास राजकिशोर जा ही रहे थे कि हमलावरों ने उन्हें बुलाया. दो की संख्या में पहुंचे हमलावरों की उम्र करीब 20-22 वर्ष रही होगी. पत्नी ने समझा कि किसी परिचित ने पति को कुछ बातचीत के लिये बुलाया.
अचानक हमलावरों ने राजकिशोर पर गोली चला दी और उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गयी. हमलावरों ने राजकिशोर के दाहिने आंख के पास सटाकर गोली मारी है. घटना के बाद पूनम पति से लिपट गयी और दहाड़ मार कर रोने लगी. घटना की जानकारी होने पर पहले एसडीपीओ दीपक कुमार पांडेय सहित नगर इंस्पेक्टर टीएन झा, नगर थाना प्रभारी सह इंस्पेक्टर अरविंद उपाध्याय, एएसआइ रामानुज सिंह, एसके वाजपेयी, अरविंद कुमार, अरविंद कुमार-1, रामजी प्रसाद सहित काफी संख्या में सशस्त्र बल पहुंचे. मृतक के शव को उठाकर सदर अस्पताल भिजवाया.
मंदिर के पास गिरा था स्कॉर्पियो का रिम कवर
आगे बजरंगबली मंदिर के समीप एक स्कारपियो के चक्के का एलॉय (रिम कवर) गिरा था. काफी देर तक पुलिस ने उसे नहीं उठाया था. लोगों द्वारा आशंका जतायी जा रही थी कि हमलावर गाड़ी से ही आये थे.
पत्नी ने कहा: नहीं पता किसने छीना सुहाग
बताया जाता है कि राजकिशोर 33 केवीए विद्युत टावर खड़ा करने की ठेकेदारी का काम करता था. एमपी, राजस्थान सहित राष्ट्रीय स्तर पर उसका काम चलता है. लोग यह भी कह रहे थे कि हाल ही में उसे राजस्थान में भी काम मिला है. ऐसे में घटना के पीछे धंधे की अदावत भी हो सकता है. वहीं अस्पताल में राजकिशोर की पत्नी यह कहकर जोर-जोर से चिल्लाते हुए रो रही थी कि पति ने यहां दो-चार जगह जमीन क्या ले ली कि गांव वालों के आंखों की किरकिरी बन गये. यह सुनकर नगर इंस्पेक्टर टीएन झा पूनम के करीब पहुंचे और बहुत पूछने का प्रयास किया. फिर पूनम यह कहकर रो पड़ी कि हाल ही में गांव के एक दबंग की पत्नी के खिलाफ वह मुखिया चुनाव लड़ी और हार गयी. उस प्रतिद्वंदी ने पति को धमकी भी दी थी. सबसे उसने डरा-डरा कर वोट ले लिया, इस कारण वह हार भी गयी. फिलहाल पुलिस इन दोनों बिंदुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है. हालांकि पूछे जाने पर पूनम ने पुलिस से कहा कि उसे नहीं पता किसने उसका सुहाग छीन लिया.
डॉक्टरों ने हिमांशु की हालत बतायी स्थिर
मेधा सेवासदन के डॉक्टर संजय कुमार ने फिलहाल हिमांशु की हालत स्थिर बतायी है. प्रभात खबर द्वारा पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि हिमांशु के गरदन में दाहिनी तरफ डीप इंजूरी है, किंतु अंदर में कोई गोली नहीं मिला. बायीं तरफ छाती में फंसी गोली निकाल दी गयी है. उसके दाहिने कंधे, आंख व गाल पर गन पाउडर इंजूरी है. गुरुवार को उसका सिटी स्कैन व अल्ट्रासाउंड कराकर देखा जायेगा. इसके बाद ही कुछ विशेष कहा जा सकता है.
बोलचाल कर रहा था हिमांशु
जख्मी हालत में जब हिमांशु को लाकर मेधा सेवासदन के आइसीयू में भरती कराया गया, उस वक्त वह बातचीत कर रहा था. एसपी ए विजयालक्ष्मी सहित एसडीपीओ दीपक कुमार पांडेय ने हिमांशु से घटना के बारे में पूछताछ किया. कराहते हुए उसने इतना कहा कि हमलावर को तो पकड़ लिया था लेकिन उसके साथ ने उसपर फायर कर दिया. इसके बाद दोनों हमलावर आगे भागे. लगा कि आगे मंदिर के समीप काला रंग की स्कॉरपियो जैसी गाड़ी खड़ी थी, जिसपर बैठकर वे लोग भाग निकले.
पुलिस के चले जाने के बाद लोगों ने खोजी चार गोली
घटनास्थल का जायजा लेकर जब पुलिस वहां से निकल गयी तब घायलों के करीबीयों व स्थानीय लोगों ने मिलकर खोजबीन शुरु की. इस क्रम में घटनास्थल से करीब 25 गज अागे कलवर्ट पर चूना का पैकेट रखा हुआ था. वहीं दो प्लेट भी पड़ा था, जिसमें चाउमीन लगे थे. दोनों पर चम्मच भी पड़ा था व हरी मिर्च भी रखा था. देखकर लगा कि अपराधी वहां राजकिशोर के इंतजार में काफी देर घात लगाये बैठे होंगे और वहीं उनलोगों ने नास्ता आदि किया. खोजबीन के दौरान ही कलवर्ट के पास नीचे जमीन पर लोगों ने चार जिंदा गोली देखा. इसके बाद कुंडा थाने की पुलिस को सूचित किया. बाद में फिर पुलिस घटनास्थल पहुंची और वहां गिरे कारतूस की जब्ती सूची बना कर थाना लाया.
