ट्रैक्टर का ट्रेलर रजिस्ट्रेशन के लिए भी अब ट्रेड लाइसेंस जरूरी

देवघर : परिवहन विभाग के नियमों की पेचीदगी के उलझन में ट्रैक्टर डाला बनाने वालों की परेशानी बढ़ गयी है. परिवहन विभाग की ओर से वाहन-4 सॉफ्टवेयर में डाटा अपलोड करने के लिए ट्रैक्टर के निबंधन संख्या के साथ इसमें लगने वाले डाला का भी निबंधन के लिए ट्रेड लाइसेंस को आवश्यक कर दिया है. […]

देवघर : परिवहन विभाग के नियमों की पेचीदगी के उलझन में ट्रैक्टर डाला बनाने वालों की परेशानी बढ़ गयी है. परिवहन विभाग की ओर से वाहन-4 सॉफ्टवेयर में डाटा अपलोड करने के लिए ट्रैक्टर के निबंधन संख्या के साथ इसमें लगने वाले डाला का भी निबंधन के लिए ट्रेड लाइसेंस को आवश्यक कर दिया है. जिससे ट्रैक्टर का डाला बनाने वालों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

परेशानी की सबसे बड़ी वजह है देवघर में स्थानीय स्तर पर डाला बनाने वालों ने लघु व कुटीर उद्योग के लाइसेंस पर अपना काम शुरू कर दिया. नियमों की जानकारी नहीं होने के कारण ये ट्रेड लाइसेंस नहीं बनवा सके. अब किसान सहित छोटे व्यवसायी जो ट्रैक्टर खरीदना चाह रहे हैं. वो भी मुसीबत में हैं. बगैर ट्रेड लाइसेंस के सॉफ्टवेयर रजिस्ट्रेशन स्वीकार नहीं कर रहा है. ऐसे में जिला परिवहन कार्यालय देवघर द्वारा पिछले एक माह से न तो ट्रैक्टर और न ही डाला का रजिस्ट्रेशन किया जा रहा है. आंकड़ों पर गौर करें तो देवघर में प्रत्येक महीने औसतन 30-40 ट्रैक्टर व डाला का रजिस्ट्रेशन के लिए विभाग को आवेदन प्राप्त होता है.
नये सॉफ्टवेयर में सामान्य नहीं हुआ कामकाज
परिवहन विभाग झारखंड द्वारा सभी प्रकार के वाहनों के निबंधन सहित ड्राइविंग लाइसेंस आदि के काम के लिए वाहन-4 सॉफ्टवेयर लांच किया गया है. साॅफ्टवेयर लांच किये एक माह बीतने के बाद भी जिला परिवहन कार्यालय देवघर में अबतक कामकाज सामान्य ढंग से नहीं हो रहा है. नतीजा हर रोज वाहन मालिकों को निबंधन आदि के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. ट्रैक्टर, डाला सहित फिटनेस टैक्स आदि के भुगतान में वाहन मालिकों को मुसीबत का सामना करना पड़ रहा है.
एक दर्जन से भी ज्यादा जगहों पर बनता है डाला
देवघर में एक दर्जन से ज्यादा जगहों पर ट्रैक्टर का डाला तैयार किया जाता है. डाला निर्माण करने वाले एजेंसी का निबंधन जिला उद्योग केंद्र से है. लेकिन, नये नियम के तहत ट्रेड लाइसेंस उपलब्ध कराना छोटे निर्माताओं के लिए परेशानी वाली बात है. विभागीय सूत्रों की माने तो ट्रेड लाइसेंस उसी एजेंसी को मिल सकता है. जो निर्धारित मापदंड को पूरा करते हुए मानक के तहत डाला बनाते हैं. ऐसे में इस नियम के लागू होने के बाद अब डाला बनाने के लिए भी ट्रेड लाइसेंस बनवाना होगा.

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