पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि मंगलवार दोपहर में वे सरेंडर करने कोर्ट जा रहे हैं. कोर्ट पहुंचने के पूर्व ही पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया. इसके बाद पुलिस अभिरक्षा में राय को एसडीजेएम कोर्ट में पेश कराया गया. एसडीजेएम देवघर के आदेश पर उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. बता दें कि मोहनपुर को-ऑपरेटिव बैंक के शाखा प्रबंधक अजीत राय पर सारवां को-ऑपरेटिव बैंक के शाखा प्रबंधक मनोज झा के बयान पर दर्ज कराया गया था. अजीत राय के खिलाफ एक मार्च 2016 को सारवां थाना कांड संख्या 25/16 के तहत 406/ 409/ 411/ 420/ 467/ 468/ 471 व 120 बी के तहत प्राथमिकी दर्ज की गयी है.
जिसमें उन पर को-ऑपरेटिव बैंक व पैक्स की कुल 54 लाख रुपये सरकारी राशि की हेराफेरी व गबन का आरोप है. दरअसल यह मामला उस वक्त सामने आया जब मनोज कुमार झा सारवां को-आॅपरेटिव बैंक के शाखा प्रबंधक के रूप में प्रभार लेने पहुंचे थे. प्रभार के बाद इसकी जानकारी मिलते ही उन्होंने सूचना बैंक के एमडी को दी. एमडी के निर्देश के बाद अजीत राय समेत पूर्व शाखा प्रबंधक रमेश चंद्र राय, पूर्व अकाउंटेंट प्रमोद सिंह पर भी गबन का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज करायी गयी थी.
