प्रमुख मांगो में एसपीटी व सीएनटी एक्ट संशोधन विधेयक वापस लेने, स्थानीयता नीति तय कर स्थानीय लोगों को प्राथमिकता देने, सूबे में कानून व्यवस्था दुरूस्त करने,होल्डिंग टैक्स बढ़ोतरी वापस लेने, विस्थापितों की समस्या समाधान करने, डढ़वा वीयर का पुननिर्माण करने, किसानों को सुविधा मुहैया कराने आदि की थी. धरना में वासुदेव प्रसाद देव, हरिहर यादव, यमुना प्रसाद दास, केशव नारायण, पशुपति कोल, पूरन सिंह, अर्जुन यादव आदि ने अपने-अपने विचार रखे. इधर भाकपा के वासुदेव देव ने एक प्रेस बयान जारी कर कहा कि उपायुक्त ने धरना प्रदर्शन करने वाले प्रतिनिधियों से वार्ता का समय दिया था, लेकिन समय देने के बाद बिना वार्ता के चले गये. इससे कार्यकर्ताओं में नाराजगी हुई.
वापस ले एसपीटी-सीएनटी एक्ट संशोधन का विधेयक
देवघर: भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी देवघर, अखिल भारतीय किसान सभा समेत कई अन्य संगठनों ने समाहरणालय के समक्ष अपनी एकजुटता दिखायी. जिले के विभिन्न प्रखंडों से काफी संख्या में लोग शामिल हुए व विरोध जताया. कार्यकर्ताओं ने एसपीटी एक्ट व सीएनटी एक्ट संशोधन विधेयक का पुरजोर विरोध किया. साथ ही इसे शीघ्र वापस लेने की आवाज […]

देवघर: भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी देवघर, अखिल भारतीय किसान सभा समेत कई अन्य संगठनों ने समाहरणालय के समक्ष अपनी एकजुटता दिखायी. जिले के विभिन्न प्रखंडों से काफी संख्या में लोग शामिल हुए व विरोध जताया. कार्यकर्ताओं ने एसपीटी एक्ट व सीएनटी एक्ट संशोधन विधेयक का पुरजोर विरोध किया. साथ ही इसे शीघ्र वापस लेने की आवाज बुलंद की.
भाकपा व किसान सभा के सैकड़ों कार्यकर्ता पुराना सदर अस्पताल परिसर के पास जमा हुए जहां से जुलूस निकाला व नारे लगाते हुए समाहरणालय परिसर पहुंचे. वहां पर कार्यकर्ता धरना प्रदर्शन पर बैठे पश्चात प्रतिनिधि मंडल मिलने गया व 13 सूत्री मांगों का ज्ञापन सौंपा.