सारवां: जनप्रतिनिधियों की सहभागिता से ही कोई योजना धरातल पर उतर सकती है. स्वच्छ गांव स्वच्छ भारत का सपना सार्थक हो सकता है व प्रखंड को ओडीएफ के तहत खुले में शौच से मुक्ति दिलायी जा सकती है. यह बातें सारवां पंचायत भवन सभागार में पेयजल स्वच्छता विभाग व यूनिसेफ द्वारा आयोजित जनप्रतिनिधि जागरूकता कार्यशाला में जरमुंडी विधायक बादल ने कही.
उन्होंने कहा कि इसके लिये पूरी तन्मयता से आपस में समन्वय स्थापित कर अपने पंचायत का गहन सर्वे करायें ताकि कोई इस योजना के लाभ से वंचित न हो व मिशन को सही मायने में धरातल पर उतारा जा सके. विधायक ने कहा कि केवल सौ दिन शेष बचे हैं और दस हजार शौचालय का लक्ष्य पूरा करना है. कार्यपालक अभियंता राजीव रंजन ने कहा सारवां पंचायत को प्रखंड का माॅडल पंचायत बनाया जायेगा. सारवां प्रखंड को ओडीएफ किया गया है.
पहले चरण में कुशमाहा, रक्ति, डहुवा, बंदाजोरी व डकाय पंचायत का चयन किया गया है. मौके पर भंडारो, वनवरिया, नारंगी, बैजुकूरा, लखोरिया, जियाखाड़ा, दोेंदिया, पहारिया पंचायत के फाॅर्मेट की मांग की गई व जल सहिया को छुटे हुए लाभुकों का फाॅर्मेट भर कर अविलंब जमा करने का निर्देश दिया गया . उन पंचायतों के मुखियाओं ने दो दिन की मोहलत की मांग ताकि पंचायतों को खुले में मुक्त शौचालय बनाने के लिये घर-घर सर्वे किया जा सके. इस अवसर पर उन्होंने कहा कि एक शौचालय निर्माण कराने पर जल सहिया को 125 रुपये प्रोत्साहन राशि मिलेगी. खुद से शौचालय बनाने वालों के खाते में ही 12 हजार राशि भेज दी जायेगी. कार्यशाला में प्रमुख मुकेश कुमार, एसडीओ विमलेंन्दु कुमार, जिला समन्वयक सुजीत कुमार, विजय कुमार, प्रखंड समन्यवक अनिता कुमारी, मुखिया प्रेमलता देवी, रजिया खातून, रामकिशोर सिंह, सरोज पासवान, जयप्रकाश राय, बबिता देव्या, कौशल्या देवी, खुशबू कुमारी आदि मुखिया व जल सहिया एवं अन्य जन कुमार ने प्रतिनिधि ने भाग लिया.
