तीन साल से राज्य सरकार नहीं भेज रही प्रस्ताव

खेतौरी, घटवाल/घटवार को एसटी का दर्जा दिये जाने पर केंद्र ने कहा कई सालों से अटका है मामला गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे ने दिये हैं कई प्रमाण राज्य सरकार का प्रस्ताव नहीं मिलने के कारण केंद्र नहीं ले पा रहा निर्णय देवघर : वर्षों से संताल परगना ही नहीं झारखंड के खेतौरी, घटवाल/घटवार जाति को […]

खेतौरी, घटवाल/घटवार को एसटी का दर्जा दिये जाने पर केंद्र ने कहा

कई सालों से अटका है मामला
गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे ने दिये हैं कई प्रमाण
राज्य सरकार का प्रस्ताव नहीं मिलने के कारण केंद्र नहीं ले पा रहा निर्णय
देवघर : वर्षों से संताल परगना ही नहीं झारखंड के खेतौरी, घटवाल/घटवार जाति को जनजातीय सूची में शामिल करने का मामला केंद्र सरकार के स्तर से पेंडिंग है. केंद्र सरकार इस मामले को लेकर गंभीर है लेकिन झारखंड सरकार की लेटलतीफी के कारण अब तक मामला लटका हुआ है. इस संदर्भ में गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे ने 15 फरवरी को केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्रालय को पत्र लिखकर हो रही देरी के संदर्भ में जानकारी मांगी. इस पर गृह मंत्रालय के महारजिस्ट्रार सह जनगणना आयुक्त डॉ सी चंद्रमौली ने जवाब दिया है कि केंद्र सरकार इसे गंभीरता से ले रही है. खेतौरी, घटवाल/घटवार मामले से संबंधित राज्य सरकार से अपेक्षित है
. लेकिन तीन साल हो गये, अभी तक राज्य सरकार की ओर से कोई रिपोर्ट या प्रस्ताव नहीं आया है. इस कारण यह मामला क्लियर नहीं हो पाया है.
केंद्र सरकार ने कई बार भेजा रिमाइंडर : इस संबंध में केंद्रीय जनजातीय मंत्रालय ने लगातार कई बार पत्राचार कर झारखंड सरकार के संबंधित विभाग के सचिव से प्रस्ताव मांगा है. लेकिन पत्राचार के बाद भी अब तक सरकार की ओर से कोई प्रस्ताव केंद्र को नहीं भेजा गया. अभी हाल ही में 11 जनवरी 2017 को भी मंत्रालय ने झारखंड सरकार को पत्र भेजा और इस मामले में जस्टीफिकेशन और कॉमेंट मांगा, लेकिन अभी तक सरकार की ओर से कोई जवाब नहीं गया है. इस कारण खेतौरी, घटवाल, घटवार जाति के लोग एसटी का दर्जा पाने से वंचित हैं.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >