लापरवाही. बंध्याकरण ऑपरेशन के बाद हालत बिगड़ी
सारठ : बंध्याकरण ऑपरेशन के दौरान चिकित्सक की लापरवाही के कारण महिला जिंदगी व मौत से जूझ रही है. झिलुवा पंचायत अंतर्गत फुलडोभा गांव के वार्ड सदस्य मुकेश कुमार ने बताया कि बुधवार को सीएचसी में होने वाले शिविर में बंध्याकरण के लिए पत्नी उषा देवी को लाया था. ऑपरेशन के दौरान पत्नी अधिक दर्द होने की बात कह रही थी.
मगर चिकित्सक ने इसे अनसुना कर डांट-डपट कर दी. दूसरे दिन लगातार ब्लीडिंग व दर्द की शिकायत के बावजूद सीएचसी से इलाज किये बगैर छुट्टी दे दी गयी. घर पहुंचते ही ब्लीडिंग अधिक होने लगी और महिला की हालत गंभीर हो गयी. आनन-फानन में परीजनों ने जिप सदस्य पिंकी कुमारी को सूचना दी. परीजन जिप सदस्य के साथ उसे लेकर देवघर के प्रसुती रोग विशेषज्ञा डा के पल्लवी के निजी क्लिनिक में भरती कराया. जहां अल्ट्रासाउंड व अन्य की जांच की गयी.
जांच में पता चला कि ऑपरेशन के दौरान स्टीच नहीं किया गया. जिस कारण ब्लीडिंग हो रही थी व ब्लड जम भी गया था. ऑपरेशन कर पुन: स्टीच किया गया. समाचार लिखे जाने तक महिला का इलाज चल रहा था.
निजी क्लिनिक में चल रहा इलाज
घर में हालत बिगड़ी तो देवघर में एक निजी क्लिनिक ले गये परिजन
निजी क्लिनिक की चिकित्सक ने बताया नहीं किया गया था स्टीच
सीएचसी में बुधवार को शिविर में कराया था बंध्याकरण
पति ने लगाया लापरवाही का आरोप
महिला चिकित्सक ने कहा
महिला का इलाज कर रही प्रसुती रोग विशेषज्ञा डा के पल्लवी ने बताया कि महिला का ऑपरेशन के दौरान ट्यूब मे स्टीच छूटा हुआ था. जिस कारण ब्लीडिंग व सूजन भी हो गया था. ऑपरेशन कर दिया हैं अभी महिला खतरे से बाहर हैं.
क्या कहती है जिप सदस्य
जिप सदस्य पिंकी कुमारी ने बताया कि सारठ में महिला के ऑपरेशन में लापरवाही बरती गयी है. गरीब परिवार है. निजी क्लिनिक में इलाज चल रहा है. मरीज कैसे खर्च वहन करेगा. दोषी डाॅक्टर पर कार्रवाई होनी चाहिए. सारठ में कई चिकित्सक भी नहीं रहते. डीपीसी की बैठक में प्रभारी को हटाने का प्रस्ताव लिया जायेगा.
