देवघर : नगर थाना क्षेत्र के सारवां मोड़ के समीप रविवार सुबह रुपये व मोबाइल छिनकर भागते दो युवकों को लोगों ने पकड़ लिया. मुकेश कुमार सिंह की शिकायत पर नगर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गयी, जिसमें पकड़े गये केके स्टेडियम के समीप धपरा टोला निवासी विक्रम धपरा व भोला धपरा को आरोपित बनाया गया है. नगर पुलिस ने गिरफ्तार इन दोनों आरोपितों विक्रम व भोला को शाम में कोर्ट में पेश कराया. कोर्ट के निर्देश पर नगर पुलिस ने दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया.
प्राथमिकी में जिक्र है कि घटना के पूर्व मुकेश कहीं जाने के लिए घर से निकला और मोबाइल पर बात करते हुए किराये का रुपया गिनने लगा. इसी बीच दो युवक करीब आये और रुपया सहित मोबाइल झपट कर भागने लगा. हो-हल्ला होने पर स्थानीय लोगों ने दोनों को पकड़ लिया.
डायल 100 पर कॉल कर मामले की सूचना दी. इसके बाद मौके पर पीसीआर पुलिस पहुंची. तलाशी में दोनों के पास से छिनी हुई मोबाइल व नकदी दो हजार रुपये बरामद हुआ. बरामद मोबाइल सहित नकदी रुपये के साथ दोनों को पीसीआर पुलिस के हवाले कर दिया. इसके बाद पीसीआर पुलिस पकड़े गये विक्रम व धपरा को नगर थाना लायी. मामला दर्ज कर नगर पुलिस छानबीन में जुटी है.
मेटेरियल का 11 करोड़ और 2.50 करोड़ मजदूरी बकाया
देवघर : मनरेगा में पिछले छह माह से फंड की कमी है. फंड के अभाव में मनरेगा का काम प्रभावित हो रहा है. मनरेगा में मेटेरियल मद में 11 करोड़ व मजदूरी में 2.05 करोड़ रुपये बकाया है. मजदूरी मद पिछले एक माह से जिले को एक रुपया भी नहीं मिल पाया है. मजदूरों को भुगतान के लिये बैंक का चक्कर लगाना पड़ रहा है.
राशि भुगतान के लिए डीडीसी ने मनरेगा आयुक्त को आग्रह पत्र भेजकर फंड उपलब्ध कराने की मांग की है. मजदूरी का भुगतान अटकने से मनरेगा का इन दिनों कई कार्य भी प्रभावित हो गये हैं.
नियमित पैसा नहीं मिलने से मजदूर काम करने को तैयार नहीं है, जिससे डोभा समेत जल संरक्षण की योजनाओं का काम बंद है. मैटेरियल मद में पैसा नहीं रहने से मनरेगा से पशु शेड, मुर्गी शेड, बकरी शेड, कुआं का कार्य बंद हो गया है.
25 हजार योजनाएं पेंडिंग
मेटेरियल व मजदूरी में नियमित भुगतान नहीं होने से 25 हजार योजनाएं पेंडिंग हो गयी है. इसमें 15 हजार पीएम आवास योजनाएं, जिसका काम भी प्रभावित है. इसमें 2000 से अधिक पशु शेड, बकरी शेड और मुर्गी शेड का काम अधुरे में रुक गया है.
पीएम आवास में काम करने वाले मजदूरों को मनरेगा मद की मजदूरी भी नहीं मिल पायी है. मेटेरियल मद में सबसे अधिक भुगतान देवीपुर प्रखंड में 4.64 करोड़ रुपया मेटेरियल मद में बकाया है. मनरेगा एक्ट के अनुसार 15 दिनों के अंदर भुगतान करना अनिवार्य है.
प्रखंड मेटेरियल पेंडिंग योजना
देवघर 42.63 लाख 2565
देवीपुर 4.64 करोड़ 3223
करौं 56.46 लाख 1353
मधुपुर 1.67 करोड़ 2556
पालोजारी 1.07 करोड़ 2779
मारगोमुंडा 21.97 लाख 2529
मोहनपुर 1.47 करोड़ 4189
सारठ 46 लाख 2801
सारवां 39.7 लाख 2909
सोनारायठाढ़ी 24.58 लाख 1556
