दुम्मा में 63 एकड़ जमीन पर बनेगा मल्टीपरपस भवन
देवघर : बिहार-झारखंड बॉर्डर स्थित दुम्मा के पास मल्टीपरपस भवन निर्माण के लिए अंचल प्रशासन ने 63 एकड़ जमीन चिह्नित की है. यह जमीन मोहनपुर अंचल स्थित कांवरिया पथ के समीप दुम्मा मौजा में है. इस जमीन पर बनने वाले मल्टीपरपस हॉल का उपयोग श्रावणी मेला के दौरान पुलिस जवानों व कांवरियों के विश्राम में […]
देवघर : बिहार-झारखंड बॉर्डर स्थित दुम्मा के पास मल्टीपरपस भवन निर्माण के लिए अंचल प्रशासन ने 63 एकड़ जमीन चिह्नित की है. यह जमीन मोहनपुर अंचल स्थित कांवरिया पथ के समीप दुम्मा मौजा में है. इस जमीन पर बनने वाले मल्टीपरपस हॉल का उपयोग श्रावणी मेला के दौरान पुलिस जवानों व कांवरियों के विश्राम में उपयोग में लाया जायेगा.
पिछले दिनों इस सरकारी जमीन के कुछ हिस्से में बिहार के जमीन माफियाओं द्वारा कब्जा कर लिया गया था, जिसे मोहनपुर सीओ प्रीतिलता किस्कू ने सावन से पहले मुक्त कराया था. इस जमीन का सीमांकन कर लिया गया है.
यह जमीन दुम्मा व दर्दमारा के ठीक किनारे है. इससे पहले कांवरिया पथ के किनारे खिजुरिया माैजा में भी 65 एकड़ सरकारी जमीन चिह्नित की गयी है. इस जमीन पर भी अवैध कब्जाधारी को नोटिस भेजी जा चुकी है. खिजुरिया में इस जमीन पर भी कांवरियों की सुविधा के लिए भवन बनाने की योजना है.
दर्दमारा रोड में जंगल-झाड़ी जमीन की अवैध बिक्री : देवघर-सुल्तानगंज रोड के किनारे खिजुरिया मौजा में इन दिनों करीब सात एकड़ जंगल-झाड़ी की जमीन को अवैध रूप से बेचा जा रहा है. पुराने पट्टा के आधार पर इस बहुपयोगी जमीन को स्थानीय माफिया टुकड़ों में जमीन को बेचकर घेराबंदी कर रहा है. एक वर्ष पूर्व एसडीओ के स्तर से जमीन के अवैध कब्जा पर रोक भी लगायी गयी थी. साथ ही कांवरियों के उपयोग के लिए इस जमीन को उपयोगी बताया था.
- श्रावणी मेला के दौरान कांवरियों व जवानों के लिए होगा उपयोग
- मोहनपुर अंचल प्रशासन ने चिह्नित की जमीन
- पिछले दिनों बिहार के भू-माफिया के कब्जे से मुक्त करायी गयी थी जमीन