सारवां में गिरे ओले, तीन के सिर फूटे

सारवां : दिन भर बादल दिखने के साथ सारवां के लोगों में बारिश की उम्मीद थी. लेकिन, शाम होते-होते नजारा ही बदल गया. शाम चार बजे के करीब बिना बारिश के ही आंधी के साथ बड़े-बड़े ओले गिरने लगे. अचानक ओले गिरने से अफरातफरी मच गयी. लोग बचने के लिए आसपास के दुकानों व घरों […]

सारवां : दिन भर बादल दिखने के साथ सारवां के लोगों में बारिश की उम्मीद थी. लेकिन, शाम होते-होते नजारा ही बदल गया. शाम चार बजे के करीब बिना बारिश के ही आंधी के साथ बड़े-बड़े ओले गिरने लगे. अचानक ओले गिरने से अफरातफरी मच गयी. लोग बचने के लिए आसपास के दुकानों व घरों में छिपने लगे. इस बीच ओले गिरने से तीन लोग घायल भी हो गये. जिनमें नारंगी गांव की नौ साल की रोशनी कुमारी, बस स्टैंड के पास रहने वाले रिंकू राउत (30 वर्ष), महतोडीह के धीरज कुमार (13 वर्ष) गंभीर रूप से घायल हो गये.

घायलों का सीएचसी में प्राथमिक उपचार कर देवघर रेफर कर दिया गया. आंधी-तूफान की वजह से कई कच्चे मकानों के छप्पर उड़ गये. प्लास्टिक की छावनी बनाकर रहने वाले बेघर हो गये. खपरैल के घरों को भी नुकसान हुआ है. आंधी के साथ गिरने वाले ओले इतने बड़े आकार के थे कि लोग जान बचाने लिए इधर-उधर भागते देखे गये. ओला के कारण सब्जी उत्पादक किसानों को भी क्षति पहुंचायी है. फसल को काफी नुकसान हुआ है. करोड़ों की क्षति हो गई. खपरैल से बने सभी घर बर्बाद हो गये.

पहली बार देखा इतना बड़ा ओला
किसान बशिष्ठ झा, कृता पांडेय, दुखी वर्मा, डोमन पत्रलेख, व्यास रवानी, प्रधान सुरेश यादव, पंडित जयनाथ पांडेय, प्रधान श्यामाकांत झा, रामानंद सिंह, पांडु सिंह, सुधीर राय, केटकुली सिंह, सुकदेव राय, लुकमान मियां आदि ने कहा कि अपने जीवनकाल में पहली बार इतने बड़े ओले गिरते दिखे.
क्हते हैं विधायक बादल
विधायक बादल पत्रलेख ने कहा कि प्राकृतिक आपदा से सारवां में काफी क्षति की है. दो-ढाई सौ ग्राम से लेकर आधा किलो तक के भारी ओला वृष्टि से सब्जियों को नुकसान हुआ है. कच्चे मकान भी क्षतिग्रस्त हुए हैं. क् किसानों को सरकार राहत प्रदान करे.

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