महीनों से बगैर लेखा-जोखा का बालू उठाव

देवघर : अजय नदी स्थित दोरही के पास बढ़ैता घाट से बालू उठाव का खेल कई माह से बगैर लेखा-जोखा के चल रहा है. ग्रामीण विकास विशेष प्रमंडल के अनुसार बालू कांवरिया पथ भेजा जा रहा है. लेकिन बालू के उठाव की सूचना खनन विभाग व पंचायत को नहीं है. बालू उठाव के दौरान खनन […]

देवघर : अजय नदी स्थित दोरही के पास बढ़ैता घाट से बालू उठाव का खेल कई माह से बगैर लेखा-जोखा के चल रहा है. ग्रामीण विकास विशेष प्रमंडल के अनुसार बालू कांवरिया पथ भेजा जा रहा है. लेकिन बालू के उठाव की सूचना खनन विभाग व पंचायत को नहीं है. बालू उठाव के दौरान खनन विभाग से परिवहन चालान निर्गत करने के लिए एक सरकारी कर्मी घाट पर मौजूद नहीं है. खनन विभाग एक तरफ पंचायत को बालू घाट हेंड ओवर कर देने की बत कहकर पल्ला झाड़ रहा है, वहीं पंचायत को बालू उठाव की सूचना तक नहीं है.

यदि सूचना होती तो पंचायतों के लोग इसका विरोध नहीं करते. बावजूद इसके बालू उठाया जा रहा है. विशेष प्रमंडल के अनुसार उपायुक्त के मौखिक आदेश पर बालू उठाया जा रहा है तो अब ग्रामीण यह सवाल उठा रहे हैं कि ऐसी परिस्थिति में कितनी मात्र में नदी से बालू उठेगा इसका हिसाब-किताब कौन रख रह हैं. यह अलग प्रश्न है.

72 हजार सीएफटी बालू कांवरिया पथ के लिए जाना है

विशेष प्रमंडल के अनुसार कांवरिया पथ पर कुल 72 हजार सीएफटी बालू बिछाने जाने की स्वीकृति मिली है. लेकिन बालू घाट पर कोई खनन विभाग के अधिकृत कर्मी नहीं रहने से बालू उठाव की मात्र पर सवाल उठ रहा है. उप मुखिया बासुदेव राय समेत ग्राम प्रधान ललित नारायण वर्मा, रामदेव मंडल, गिरधारी वर्मा, भुवनेश्वर यादव व दिलीप राय आदि क कहना है कि कांवरिया पथ के नाम पर मनमाने ढंग से बालू बगैर लेखा-जोखा का उठ रहा है. इससे सरकार को लाखों के राजस्व का नुकसान हो रहा है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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