देवघर : हत्या का प्रयास के तीन दोषियों भीम वर्मा, निरंजन वर्मा व गुड्डू वर्मा को सात साल की सश्रम सजा सुनायी गयी. साथ ही प्रत्येक दोषी को 25-25 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया है. जुर्माना की राशि अदा नहीं करने पर अलग से तीन माह की जेल काटनी होगी. यह फैसला प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश मिथिलेश प्रसाद की अदालत द्वारा दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद दिया गया. तीनों आरोपित मधुपुर थाना के रतुबहियार गांव के रहनेवाले हैं.
केस की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष से कुछ प्रभारी लोक अभियोजक रंजीत सिंह व बचाव पक्ष से अधिवक्ता चंद्रशेखर सिंह थे. अभियोजन पक्ष से कुल सात लोगाें ने गवाही दी व दोष सिद्ध करने में सफल रहे. बचाव पक्ष के अधिवक्ता तीनों को अारोपों से मुक्त नहीं करा पाये. यह मुकदमा अारूणी देवी के बयान पर दर्ज हुआ था.
छह वर्ष बाद आया फैसला
मधुपुर थाना क्षेत्र के रतुबहियार गांव में छह दिसंबर 2012 को यह घटना हुई थी. दर्ज एफआइआर के अनुसार इस केस की सूचक आरूणी देवी अपने पति नरेश वर्मा, बेटी व पतोहू के साथ अपने खेत में धान काट रही थी.
इसी दौरान आरोपित टांगी, रॉड व लाठी से लैस होकर आये व धान काटने से मना किये. आरोपितों की बात नहीं मानने पर टांगी से प्रहार कर सबों को जख्मी कर दिया. सूचक व उनके पति के माथे पर वार किया जिससे वे गंभीर रुप से जख्मी हो गये. मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने चार्जसीट दाखिल किया. पश्चात केस को ट्रायल के लिए मधुपुर से पीडीजे की अदालत में भेजा गया, जहां पर उक्त फैसला दिया गया.
