खांसी में बच्चे को दे दी इंजेक्शन, मुंह से निकला झाग तो फिर लगा दी दो सूई

सारठ : सारठ में जिउतिया के दिन ही झोलाछाप चिकित्सक के गलत इलाज के कारण एक मां की कोख सूनी हो गयी. घटना थाना क्षेत्र के आराजोरी धर्मपुर गांव स्थित राहुल मेडिकल हॉल की बतायी जा रही है. महाराजगंज गांव निवासी विवेकानंद दास के आठ वर्षीय पोते धनराज कुमार दास को रविवार रात से ही […]

सारठ : सारठ में जिउतिया के दिन ही झोलाछाप चिकित्सक के गलत इलाज के कारण एक मां की कोख सूनी हो गयी. घटना थाना क्षेत्र के आराजोरी धर्मपुर गांव स्थित राहुल मेडिकल हॉल की बतायी जा रही है. महाराजगंज गांव निवासी विवेकानंद दास के आठ वर्षीय पोते धनराज कुमार दास को रविवार रात से ही खांसी हो रही थी. सोमवार सुबह करीब छह बजे धनराज को लेकर राहुल मेडिकल हॉल में झोलाछाप ग्रामीण चिकित्सक सत्यनारायण वर्मा उर्फ सातो वर्मा के पास पहुंचे.
वहां धनराज की खांसी के लिये एक सिरप मांगा तो सत्यनारायण ने सिरप देने के बजाय धनराज को एक इंजेक्शन (सूई) लगा दिया. इंजेक्शन लगते ही धनराज के मुंह से झाग निकलने लगा. इसके बाद लगातार उसे दो इंजेक्शन लगाया. इससे उसकी स्थिति सुधरने के बजाय बिगड़ने लगा. इसके बाद सत्यनारायण ने अपने द्वारा दी गयी दवा आदि की एक पुर्जी बनाकर थमाया और धनराज को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाने को कहा. जल्दबाजी में धनराज को लेकर परिजन सारठ सीएचसी पहुंचे.
वहां ऑन ड्यूटी डॉक्टर ने उसकी गंभीर स्थिति देखते हुए दो इंजेक्शन एट्रोपिन व डेक्सोना लगाया और धनराज को बेहतर इलाज के लिये सदर अस्पताल देवघर रेफर कर दिया. परिजन उसे लेकर सदर अस्पताल आये, जहां ऑन ड्यूटी डॉक्टर एहसान उत तोहिद ने धनराज को मृत घोषित कर दिया. परिजनों का आरोप है कि ग्रामीण चिकित्सक सत्यनारायण वर्मा द्वारा गलत इलाज करने व लगातार तीन इंजेक्क्शन लगाने के कारण ही धनराज की मौत हो गयी.
घटना को लेकर दादा विवेकानंद की शिकायत पर झोलाछाप चिकित्सक सत्यनारायण वर्मा के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है. पुलिस ने धनराज के शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिये भेज दिया. आरोपित झोलाछाप चिकित्सक आराजोरी पंचायत के मुखिया ललिता देवी के ससुर हैं.
मेडिकल बोर्ड ने किया पोस्टमार्टम
सिविल सर्जन डॉ कृष्ण कुमार के निर्देश पर सदर अस्पताल के डीएस डॉ विजय कुमार ने धनराज के शव के पोस्टमार्टम हेतु मेडिकल बोर्ड गठित किया. बोर्ड के डॉक्टर एहसान उत तोहिद, डॉ एके अनुज व डॉ प्रेम प्रकाश ने मिलकर पोस्टमार्टम किया और विसरा प्रीजर्व कर पुलिस को थमा दिया. प्रीजर्व विसरा को सारठ पुलिस जांच के लिये विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजवायेगी.
ग्रामीण इलाकों में भी है सरकारी अस्पताल, नहीं दिखायें झोलाछाप चिकित्सक को
प्रभात खबर लोगों से अपील करती है कि ग्रामीण चिकित्सा पर सरकार करोड़ों का खर्च कर रही है. गांव-गांव में सहिया है. दो-चार गांव के स्तर पर सरकारी अस्पताल की सुविधा दी गयी है.
हाल के दिनों में 108 की एंबुलेंस सेवा भी बहाल है. बिना पैसे दिये लोग इलाज के लिये एंबुलेंस द्वारा सरकारी अस्पताल तक आसानी से पहुंच सकते हैं. ऐसे में अपने या परिजन का इलाज झोलाछाप चिकित्सक से कतई नहीं कराएं. कुछ भी हो तो नजदीक के सरकारी अस्पताल में पहुंचें. अगर गंभीर हालत हो जाय तो 108 एंबुलेंस की सेवा लेकर मरीज को पीएचसी, सीएचसी व जिला अस्पताल तक पहुंचाएं.
एसपी के निर्देश के बाद भी चार घंटे बाद हुई छापेमारी, आरोपित हुआ फरार
घटना की सूचना एसपी नरेंद्र कुमार सिंह को सुबह करीब सवा नौ बजे दी गयी. सूचना मिलते ही एसपी ने सारठ थाना प्रभारी को तुरंत मेडिकल में छापेमारी कर झाेलाछाप चिकित्सक को गिरफ्तार करने का निर्देश दिया. बावजूद सारठ थाने की पुलिस आवेदन का इंतजार करती रही. मृतक परिजनों का आवेदन रिसिव करने के बाद सारठ थाने की पुलिस छापेमारी के लिये निकले, तब तक मेडिकल हॉल से बोर्ड हटाकर झाेलाछाप चिकित्सक फरार था.
गैरकानूनी है झोलाछाप का इलाज करना, होगी कार्रवाई : सीएस
सिविल सर्जन डॉ कृष्ण कुमार ने कहा कि झोलाछाप चिकित्सक द्वारा इलाज करना गैरकानूनी है. ऐसे में वे अपने स्तर से मामले की जांच करायेंगे और कानूनी कार्रवाई करेंगे. इसके पहले भी सारठ व मधुपुर अनुमंडल क्षेत्र में दो झोलाछाप डॉक्टर पर वे एफआइआर करा चुके हैं. इस मामले को भी गंभीरता से लेंगे और कड़ी कार्रवाई करायेंगे.

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