देवघर: प्रथम सहायक जिला एवं सत्र न्यायाधीश वीणा मिश्र की अदालत द्वारा सेशन केस नंबर 308/06 की सुनवाई के बाद इस मामले के चार आरोपितों में से दो मुरारी महतो व प्रकाश महतो को दोषी पाकर पांच साल की सश्रम सजा सुनाई गयी.
साथ ही इस मामले के दो अन्य आरोपितों शैलजा महतो तथा बालेश्वर महतो को संदेह का लाभ देते हुए रिहा कर दिया गया. दोषी पाये आरोपितों को पांच-पांच सौ रुपये का जुर्माना भी लगाया जिसे अदा नहीं करने पर एक माह की अतिरिक्त कैद काटनी होगी. मामला जमीन को लेकर विवाद का था जिसमें जानलेवा मारपीट की गयी थी और तीन व्यक्ति को गंभीर रूप से जख्मी कर दिया गया था. ट्रायल के दौरान अभियोजन की ओर से आठ गवाही दी गयी थी.
क्या था मामला
सारवां थाने के विराजपुर गांव में बीते 7 जून 2006 को जमीन को लेकर विवाद हुआ था. मामले के सूचक अमृत महतो खेत की जुताई कर रहा था. आरोपितों ने मना किया तो झंझट बढ़ गया और टांगी के वार से सूचक, उनके भाई भोला महतो व भतीजा सुरेश महतो को गंभीर रूप से जख्मी कर दिया. इस संबंध में सारवां थाना कांड संख्या 50/06 दर्ज किया गया जिसमें चार लोगों को आरोपित किया गया था और भादवि की धारा 307, 31, 324/34 लगायी गयी थी. दो आरोपितों को हत्या प्रयास का दोषी पाया और पांच साल की सश्रम सजा दी गयी. अभियोजन पक्ष से एपीपी एपी यादव व बचाव पक्ष से अधिवक्ता गोपाल शर्मा थे.
जिन्हें मिली सजा :
1.मुरली महतो उर्फ मुरारी महतो
2. प्रकाश महतो
जो हुए रिहा :
1. शैलजा महतो
2. बालेश्वर महतो
