पर्यटकों से मिनरल वाटर के लिए मनमाना वसूली

देवघर : भीषण गर्मी में त्रिकुट पहाड़ में पेयजल की किल्लत हो गयी है. इससे पर्यटकों को परेशानी हो रही है. पर्यटकों को मिनरल वाटर के लिए मनमाना शुल्क देना पड़ रहा है. बांडेड कंपनियों के मिनरल वाटर के निर्धारित दर से पांच से 15 रुपये तक अधिक वसूला जा रहा है. रोपवे के कैंटीन […]

देवघर : भीषण गर्मी में त्रिकुट पहाड़ में पेयजल की किल्लत हो गयी है. इससे पर्यटकों को परेशानी हो रही है. पर्यटकों को मिनरल वाटर के लिए मनमाना शुल्क देना पड़ रहा है. बांडेड कंपनियों के मिनरल वाटर के निर्धारित दर से पांच से 15 रुपये तक अधिक वसूला जा रहा है. रोपवे के कैंटीन से लेकर स्थानीय दुकानदारों द्वारा पहाड़ की चोटी पर पानी के लिए मनमाना वसूली की जा रही है.
मिनरल वाटर के निर्धारित 20 रुपये वाले प्रति बोतल को कैंटीन में 25 रुपये में बेचा जा रहा है, जबकि पहाड़ के ऊपर दुकानदारों द्वारा इसके लिए 35 रुपये तक वसूले जा रहे हैं. इस पर प्रशासन का कोई लगाम नहीं है. पहाड़ के नीचे भी कई दुकानों में लोकल कंपनियों के मिनरल वाटर भी निर्धारित दर से अधिक दरों पर बेचे जा रहे हैं.
पानी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं
रोप-वे में पानी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है. पहाड़ के नीचे केवल चापानल है, जिससे पानी साफ नहीं निकलता है. पीएचइडी से पहाड़ की चोटी पर पर्यटकों के लिए पेयजलापूर्ति की व्यवस्था तो की गयी है, लेकिन यहां पानी नहीं निकलता है. साथ ही पानी भी पीने योग्य नहीं रहता है. पर्यटकों को मजबूर होकर पहाड़ की चोटी पर महंगे दर पर पानी खरीदना पड़ता है.
मजदूरों के जरिये पहाड़ पर पहुंचाते हैं पानी
कुछ दुकानदारों का कहना है कि उनलोगों को रोप-वे से पानी की बोतल या अन्य कोई सामग्री लेकर नहीं जाने दिया जाता है. ट्रॉली के जरिये पानी ले जाने पर रोक है. इसलिए मजदूरों के जरिये पैदल पहाड़ पर पानी पहुंचाते हैं, इसमें मजदूर को 200 रुपये मजदूरी भी चुकाना पड़ता है.

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