देवघर : केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय द्वारा देवघर के जसीडीह इलाके में सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ प्लॉस्टिक इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (सिपेट) का केंद्र खोला जायेगा. जिला प्रशासन ने जसीडीह के समीप गड़जोरा गांव में 15 एकड़ सरकारी जमीन चिह्नित कर उद्योग विभाग को जमीन ट्रांसफर कर दिया है.
देवघर डीसी राहुल कुमार सिन्हा ने 17 अप्रैल को राजस्व विभाग के माध्यम से उद्योग विभाग को सीपेट के लिए जमीन ट्रांसफर किया है. डीसी ने राज्य सरकार के महालेखाकार को पत्र भेज दिया है. यह जमीन पूरी तरह नि:शुल्क उद्योग विभाग को सौंपी गयी है. विभागीय शर्तों के अनुसार, जमीन के ट्रांसफर के छह माह के अंदर निर्माण कार्य प्रारंभ करना है, अन्यथा उक्त जमीन राजस्व विभाग को वापस हो जायेगी. पहले सिपेट के लिए देवीपुर में जमीन की तलाश हुई थी, लेकिन वहां अब केवल प्लास्टिक पार्क का निर्माण होगा. सिपेट को जसीडीह में शिफ्ट किया जायेगा.
केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के सचिव पी राघवेंद्र ने मुख्य सचिव सुधीर त्रिपाठी को 18 अप्रैल को पत्र के जरिये देवघर व जमशेदपुर में सिपेट की स्थापना जल्द करने के लिए विभागीय प्रक्रिया पूरी करने काे कहा है.
उद्योग विभाग को 15 एकड़ जमीन ट्रांसफर, केंद्र ने विभागीय प्रक्रिया पूरी करने को कहा
देवघर व जमशेदपुर में अलग-अलग सीपेट खुलेगा. संताल परगना के ट्राइबल एरिया को फोकस करते हुए देवघर में सीपेट खोला जायेगा. केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार द्वारा स्वीकृति दिये जाने पर राज्य सरकार ने समय पर जमीन मुहैया करा दी है, इसके लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करता हूं. जमीन मुहैया होने से अब तेजी से निर्माण कार्य चालू होगा व छात्रों को तकनीकी शिक्षा के साथ रोजगार के अवसर मिलेंगे.
सिपेट में 100 सीटों पर होगी पढ़ाई
सिपेट में 100 विद्यार्थी इंजीनियरिंग, डिप्लोमा व आइटीआइ की पढ़ाई कर सकेंगे. उनको सिपेट से ही प्लॉस्टिक पार्क में प्लेसमेंट का अवसर मिलेगा. तकनीकी शिक्षा प्राप्त करने के बाद छात्रों को रोजगार के अवसर मिलेंगे.
24 घंटे के अंदर संताल परगना के लिए दो बड़े फैसले
संताल परगना में 24 घंटे के अंदर दो बड़े फैसले लिये गये हैं. बुधवार को देवीपुर में एम्स को लेकर 236 एकड़ जमीन का हस्तांतरण किया गया था. वहीं गुरुवार को जसीडीह में सिपेट की स्थापना के लिए जमीन का हस्तांतरण किया गया है. देवघर में सिपेट की स्थापना को लेकर केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंंत्रालय ने विभागीय प्रक्रिया पूरी करने को कहा है. देवीपुर में एम्स से जहां संताल परगना समेत आसपास के इलाके के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी. वहीं सिपेट के माध्यम से इलाके के विद्यार्थी तकनीकी दक्षता प्राप्त करने के साथ-साथ रोजगार हासिल कर सकेंगे.
