देवघर : अक्षय तृतीया के अवसर पर सरदार पंडा अजीतानंद ओझा बाबा बैद्यनाथ व मां पार्वती का महाशृंगार करेंगे. इससे पहले मंगलवार को बाबा मंदिर सहित मंदिर परिसर में स्थित सभी मंदिरों में मूर्तियों की सफाई की गयी. मंदिर में बैठने वाले सभी पुजारियों ने महंत अजीतानंद ओझा के आदेशानुसार गुड़ से सभी मूर्तियों की सफाई की. महाशृंगार में बाबा को महास्नान व छप्पन भोग के साथ-साथ सज्जा दान की परंपरा निभायी जायेगी. इस परंपरा की शुरुआत 46 साल बाद हो रही है. इस अद्भुत क्षण को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोगों पहुंचेंगे.
पुराने सामान को नहीं देख पायेंगे लोग : बाबा के नाम से देवघर कोषागार में कई आभूषण जमा है. गद्दी खाली होने के समय से ही यह कोषागार में रखा है. पहले ये सभी आभूषण मंदिर कार्यालय में ही रहते थे व विशेष पूजा के समय इसे निकाला जाता था. महाशृंगार में इन आभूषणों को निकाल कर पूजा में उपयोग के बाद इसे पुन: सुरक्षित रखने की परंपरा चली आ रही थी. सूत्रों के अनुसार, इस बार इन आभूषण सहित अन्य सामान को नहीं निकाला जायेगा. लोग मंदिर के प्राचीन आभूषण को इस बार भी नहीं देख पायेंगे.
