यही वजह है कि बीते 15-20 दिनों के दौरान शहर में डीजल की खपत दोगुनी हो गयी है. शहर के बीचो-बीच संचालित दो पंपो में ही सामान्य दिनों के मुकाबले पिछले 20-25 दिनों में डीजल की लगभग डेढ़ गुनी खपत बढ़ गयी है. यानि 40-50 हजार लीटर डीजल की अधिक बिक्री हुई है. इस वजह से कुंडा, बैजनाथपुर, रामपुर, भुरभुरा आदि क्षेत्रों में स्थापित पेट्रोल पंपो में डीजल की खपत दो से तीन गुना बढ़ गयी है.
बिजली के दर्शन दुर्लभ, जेनरेटर के सहारे कट रही जिंदगी
देवघर : इन दिनों शहरवासियों को बिजली खूब रुला रही है. सालभर लोग मेंटनेंस के नाम पर बिजली कट को तो बर्दाश्त कर लेते हैं. मगर त्योहारों अौर श्रावणी मेले जैसे विशेष आयोजनों पर घंटो शटडाउन होना दुखदायी बन जाता है. श्रावणी मेला शुरु होने में अब दो दिन शेष हैं. मगर आम जनता 20-22 […]

देवघर : इन दिनों शहरवासियों को बिजली खूब रुला रही है. सालभर लोग मेंटनेंस के नाम पर बिजली कट को तो बर्दाश्त कर लेते हैं. मगर त्योहारों अौर श्रावणी मेले जैसे विशेष आयोजनों पर घंटो शटडाउन होना दुखदायी बन जाता है. श्रावणी मेला शुरु होने में अब दो दिन शेष हैं. मगर आम जनता 20-22 दिन पहले से मेंटनेंस के नाम पर बिजली गुल रहने का दंश झेलने को मजबूर है. दूसरी अोर घंटों बिजली कट रहने के कारण व्यवसाय व उद्योग से जुड़े लोगों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है.
लगातार हो रही है लोडशेडिंग
मेले की तैयारी को लेकर मरम्मत व बाबा मंदिर व शिवगंगा इलाके में अंडरग्राउंड केबलिंग के तहत केबुल से हाइपावर ट्रांसफॉर्मर को कनेक्टिविटी का काम चल रहा है. इस वजह से दिन तो दिन, देर रात तक बिजली गुल रहती है. विभाग भी लगभग हर दिन अाधिकारिक तौर पर घोषणा कर छह से आठ घंटे शटडाउन लेने की बात कहता है. मगर समय तक बिजली कभी चालू नहीं हो पाती. मजबूरन व्यवसायी अपने प्रतिष्ठानों, शोरूम व होटलों को जगमग रखने व ग्राहकों को लुभाने के लिए जनरेटर चला कर रोशनी करने को मजबूर होते हैं. इससे व्यवसायियों को अौसतन दो-तीन हजार रुपये का अतिरिक्त आर्थिक बोझ उठाना पड़ता है.
व्यासायिक संस्थानों से लिया जाता है फिक्स्ड चार्ज
दूसरी अोर बिजली विभाग प्राय: सभी व्यावसायिक संस्थानों से हर महीने फिक्स्ड चार्ज लेता है. जबकि मेले की तैयारी व मरम्मत को लेकर 15-20 दिनों से जो बिजली कट का सिलसिला शुरु हुआ है इससे व्यावसायिक संस्थान (होटल, शोरूम, प्रतिष्ठान आदि) संचालकों की कमर तोड़ दी है.