कारखाना चालू होने की सूचना मुख्य द्वार पर प्रबंधन ने चिपका दी है. कहा कि पहले ला-ओपाला का भारतीय बाजार में एकाधिकार था. लेकिन अब चीन, जापान, कोरिया के उत्पाद के साथ कड़ी प्रतिस्पर्धा करना पड़ रहा है.
जिसके कारण यह वित्तीय घाटे में है. इसी के कारण कारखाने को बंद करना पड़ा था. लेकिन मजदूरों के सहयोगपूर्ण रवैये, जनप्रतिनिधियों, चैंबर ऑफ कॉमर्स संताल परगना और मधुपुर के सहयोग को देखते हुए दोबारा कारखाना चालू किया जा रहा है.
प्रशासन का भी काफी सहयोग मिला है. भविष्य में कारखाने का आधुनिकीकरण कर वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लायक बनाया जायेगा. आधिकारियों ने बताया कि सभी मजदूर उनके परिवार के सदस्य की तरह हैं. सभी से काम में वापस आने की अपील भी की. इधर कारखाना चालू करने से पूर्व इंगलैंड से आये अभियंता फिलिप ब्रूमफिल्ड, रोबेट जॉय समेत अन्य तकनीशियन ने कारखाना की भट्टी चालू करने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है. मौके पर पंकज सिन्हा के अलावा यूनियन के अध्यक्ष शिवा दास, मो जियाउल हक, शमीम अंसारी आदि कई मजदूर नेता भी मौजूद थे.
