देवघर: देवघर में इन दिनों बिजली खूब रुला रही है. यूं तो सालों-भर देवघर में मेनटेनेंस का खेल चलता रहता है. लेकिन जब भी श्रावण, शिवरात्रि, दुर्गा पूजा या कोई खास पर्व त्योहार का समय होता है बिजली संकट से त्रस्त रहते हैं. इन दिनों श्रावणी मेले की तैयारी में मरम्मत के नाम पर लोड शेडिंग हो रहा है. दूसरी ओर इस बार अंडर ग्राउंड केबुलिंग के लिए दिन तो दिन, रात में भी बिजली नहीं रहती है. अधिकारिक रूप से घोषित समय से अधिक देर तक बिजली कटी रहती है. इस कारण लोगों को परेशानी हो रही है.
शाम होते ही ट्रिपिंग का खेल:दिन भर के इंतजार के बाद शाम को जब बिजली आती है तो ट्रिपिंग का खेल चलने लगता है. यह कोई एक दिन की बात नहीं है. हर दिन शाम के वक्त इतनी बार बिजली की ट्रिपिंग होती है कि लोगों के घरेलू इलेक्ट्राॅनिक सामान खराब हो रहे हैं. कभी टीवी तो कभी फ्रिज में खराबी आ जा रही है. सबसे अधिक तो बल्ब फ्यूज हो रहे हैं.
जेनरेटर के सहारे व्यवसाय: बिजली की इस आंख मिचौनी के कारण देवघर के तमाम व्यवसायी अपने व्यवसाय को लेकर परेशान रहते हैं. होटल हो या दुकानें सभी दिन और रात जेनरेटर के सहारे चल रहे हैं. इस कारण जितनी आमदनी नहीं होती, उससे ज्यादा जेनेरेटर में ईंधन खपत हो जा रहा है. बिजली संकट का असर देवघर के व्यवसाय पर भी पड़ रहा है.
अब भी झूल रहे बिजली के तार: सालों भर मेनटेनेंस के बाद भी शहर के कई इलाके ऐसे हैं जहां बिजली के तार सड़क से कुछ दूरी पर झूल रहे हैं. जैसे वीआइपी चौक से इंडोर स्टेडियम, सिंचाई अतिथिशाला, एसडीपीओ आवास व आंबेडकर चौक तक पोल से पोल के बीच विद्युत तार काफी नजदीक झूल रहे हैं और उसमें करंट प्रवाहित होता है. इस कारण कभी भी बड़ी घटना घट सकती है. विभाग बेखबर है.
