नौवीं व 10वीं कक्षा के 80 छात्र-छात्राओं के लिए एक भी शिक्षक नहीं

मोहनपुर: एक तरफ सरकार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रही है. तमाम कवायदें की जा रही हैं. लेकिन मोहनपुर प्रखंड के उत्क्रमित उच्च विद्यालय बंका में इसका जरा भी असर नहीं दिख रहा है. इस विद्यालय में प्रथम से दशम तक कुल छात्र-छात्राओं की संख्या 275 है. लेकिन पढ़ाने के लिए शिक्षक […]

मोहनपुर: एक तरफ सरकार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रही है. तमाम कवायदें की जा रही हैं. लेकिन मोहनपुर प्रखंड के उत्क्रमित उच्च विद्यालय बंका में इसका जरा भी असर नहीं दिख रहा है. इस विद्यालय में प्रथम से दशम तक कुल छात्र-छात्राओं की संख्या 275 है. लेकिन पढ़ाने के लिए शिक्षक महज तीन. वह भी सिर्फ प्राथमिक कक्षाओं के लिए नियुक्त किये गये हैं. नौवीं व 10वीं कक्षा में 80 छात्र-छात्राएं हैं, लेकिन इन्हें पढ़ाने के लिए कोई शिक्षक नहीं है. इनकी पढ़ाई भगवान भरोसे है.
कहते हैं अभिभावक व विद्यालय प्रभारी
गरीब परिवार के बच्चे कहां जायेंगे. विद्यालय में चाहे जैसी भी पढ़ाई हो सरकारी विद्यालय में ही पढ़ाना मजबूरी है. मेघू पुजहर, अभिभावक
शिक्षक के अभाव में सही तरीके से पढ़ाई नही हो पाती है. जिसका परिणाम छात्रों को भुगतना पड़ा.
राजेश यादव
विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष
शिक्षक के बिना गुणवत्तापूर्ण शिक्षा कैसे दी जा सकती है. विद्यालय में विषयवार शिक्षक नहीं हैं तो विषयवार पढ़ाई कहां से हो पाएगी.
विरंजय यादव, विद्यालय प्रभारी

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