ओडीएफ घोषित करने के लिए किये जा रहे शौचालय निर्माण की जांच में पहुंचे मुखिया की लाभुक ने पिटाई कर दी. घायल मुखिया को इलाज के लिए सीएचसी लाया गया तो यहां भी अव्यवस्था का सामना करना पड़ा. ओटी का ताला बंद मिला और चिकित्सक गायब.
सारवां: शौचालय निर्माण की गुणवत्ता की जांच के लिये दोंदिया पंचायत के सदानंदडीह गांव पहुंचे मुखिया अशोक वर्मा की लाभुक पप्पू वर्मा व उनके माता-पिता ने पिटाई कर दी. वे गंभीर रूप से घायल हो गये. उन्हें इलाज के लिये सारवां सीएचसी लाया गया. लेकिन वहां कोई चिकित्सक मौजूद नहीं था. स्थानीय विधायक बादल की पहल पर 45 मिनट इंजतार करने के बाद डॉक्टर पहुंचे तो ओटी का ताला बंद मिला. चाबी के लिये सीएचसी प्रभारी को फोन किया गया. जब तक चाबी आती तब तक मुखिया इलाज के लिये कराहते रहे. पंचायत प्रतिनिधि के साथ हुई इस घटना ने इलाके में स्वास्थ्य सुविधा की पोल खोलकर रख दी है. इस सीएचसी पर दो प्रखंडों सारवां व सोनारायठाढ़ी की एक लाख 70 हजार की आबादी की स्वास्थ्य की देखभाल की जवाबदेही है.
जानकारी के अनुसार पंचायत को ओडीएफ घोषित करने के लिये सरस्वती एसएचजी ग्रुप शौचालय निर्माण करवा रहा है. यह योजना पेयजल व स्वच्छता विभाग की ओर से चलायी जा रही है. इसी की जांच को लेकर मुखिया व प्रखंड समन्वयक अनिता कुमारी गांव पहुंचे थे. कार्य में अनियमितता को लेकर आपस में चर्चा की जा रही थी. जिससे आक्रोशित लाभुक ने मुखिया पर हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया गया. घायल मुखिया को ग्रामीणों की मदद से सारवां सीएचसी में इलाज के लिये लाया गया.
थाना में दी शिकायत: घायल मुखिया ने थाने में आवेदन देकर आरोप लगाया है कि सुबह के करीब साढ़े नौ बजे शौचालय के कार्य की जांच को समन्वयक के साथ गये थे. इसी क्रम में सदानंदडीह के पप्पू वर्मा ने सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाते हुए जान मारने के लिये गाली-गलौज करते हुए बडा पत्थर उठा कर उनके माथे पर मार दिया. जिससे वे गिर पड़े. उन्होंने कहा कि इसके पूर्व भी आरोपित ने जान मारने की धमकी दी थी. उन्होंने मामले की जांच कर कानूनी कार्रवाई की मांग पुलिस से की है. कई पंचायतों के मुखिया संघ के अध्यक्ष सुलेखा देवी के साथ थाने पहुंचे एवं उचित कार्रवाई की मांग की. कहा कि यदि पंचायत के मुखिया के साथ दबंगई करते हुए लोग मारपीट करेंगे तो काम कैसे होगा. मुखिया के आवेदन पर पप्पू वर्मा व उनके माता-पिता के खिलाफ स्थानीय थाने में प्राथमिकी दर्ज कर ली गयी है.
ओटी में लटका मिला ताला, डॉक्टर थे गायब दर्द से कराहते रहे मुखियाजी
मुखिया के प्राथमिक उपचार को लेकर विधायक बादल काफी देर तक सीएचसी में खड़े रहे. मुखिया दर्द से कराह रहे थे लेकिन सीएचसी में एक भी चिकित्सक नहीं रहने के कारण उनका इलाज शुरू नहीं हुआ. विधायक के फोन करने पर लगभग 45 मिनट के बाद एक चिकित्सक पहुंचे एवं इलाज के लिये मुखिया को ओटी के दरवाजे पर ले गये. लेकिन ओटी का ताला बंद था. चाबी नहीं रहने के कारण चिकित्सक इलाज में असमर्थ दिखे. कर्मियों ने कहा कि ओटी की चाबी प्रभारी के पास रहती है. तब तक घायल मुखिया के शरीर से काफी मात्र में खून को बहता देख मुखिया संघ के लोग सीएचसी की कार्यशैली पर आक्रोशित हो गये. विधायक से इसकी जांच कराने की मांग संघ के सदस्यों व कार्यकर्ताओं ने की. विधायक के कड़ा रुख अख्तियार करने के बाद प्रभारी ने कर्मी को चाबी उपलब्ध करायी. तब जाकर कही ओटी खुला एवं मुखिया का इलाज संभव हो सका.
