टंडवा (चतरा): आम्रपाली-चंद्रगुप्त परियोजना के लिए प्रस्तावित रेलवे लाइन निर्माण को लेकर सेरेनदाग गांव में प्रस्तावित ग्रामसभा का ग्रामीण लगातार विरोध कर रहे हैं. अब तक कई बार ग्रामसभा आयोजित की गयी, लेकिन ग्रामीणों ने विरोध करते हुए इसका बहिष्कार कर दिया. ग्रामीणों के विरोध को देखते हुए अंचल प्रशासन ने एक बार फिर प्रस्तावित ग्रामसभा को स्थगित कर दिया. इसके बावजूद शुक्रवार को सेरेनदाग के ग्रामीणों ने अपनी दुकानें बंद रखकर विरोध जताया.
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जमीन हस्तांतरण को लेकर होनी थी ग्रामसभा
अंचल अधिकारी, टंडवा की ओर से जारी पत्र में सेरेनदाग में रेलवे लाइन निर्माण के लिए अधिग्रहित भूमि के भू-हस्तांतरण के संबंध में वनाधिकार अधिनियम-2006 के तहत ग्रामसभा आयोजित करने की बात कही गयी थी. पत्र के अनुसार ग्रामसभा 21 अगस्त को बाजार टांड़ में प्रस्तावित थी. ग्रामीणों का कहना है कि उनकी सहमति और मांगों का समाधान किये बिना जमीन से संबंधित प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ायी जानी चाहिए.
दुकानें बंद कर जताया विरोध, मनाया काला दिवस
इसी मांग को लेकर ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से अपनी दुकानें बंद रखीं और प्रशासन के प्रति विरोध दर्ज कराया. ग्रामीणों ने पूरे दिन को काला दिवस के रूप में मनाया. उनका कहना है कि जमीन से जुड़ी किसी भी प्रक्रिया को आगे बढ़ाने से पहले ग्रामीणों की सहमति और उनकी मांगों का समाधान किया जाना जरूरी है.
