मगध में हड़ताल रहा असरदार, आम्रपाली में पूरी तरह फ्लॉप

मगध में हड़ताल रहा असरदार, आम्रपाली में पूरी तरह फ्लॉप

टंडवा. ट्रेड यूनियन के हड़ताल का असर टंडवा स्थित कोल परियोजनायों में देखने को मिला. हड़ताल का सबसे ज्यादा असर मगध कोल परियोजना में देखने को मिला, जहां कर्मी अहले सुबह से ही कोल परियोजना पहुंच कर अपना विरोध दर्ज करते हुए अपनी उपस्थिति नहीं बनायी. जिससे मगध कोल परियोजना में कामकाज पूरी तरह प्रभावित रहा. वहीं आम्रपाली में हड़ताल का बहुत ही आंशिक असर रहा. हड़ताल में इंटक एटक एचएमएस सीटू समेत अन्य यूनियनों ने भाग लिया. वहीं बीएमएस ने अपने आप को हड़ताल से पूरी तरह बाहर रखा,एटक मगध सचिव दिपांशु सिंह का कहना है कि 2025 में लागू किये गये चार नये श्रम कानून मज़दूरों के अधिकारों व नौकरी की सुरक्षा को कमजोर करते हैं. श्रमिकों की हितों के विपरीत हैं. कहा कि केंद्र सरकार मजदूरों के हितों को कुचलना चाहती है, जिसे अब बर्दास्त नहीं किया जायेगा. मजदूरों की मांगों में चार नये श्रम कानून वापस लिया जाये, नौकरी की सुरक्षा की गारंटी हो, न्यूनतम वेतन की गारंटी, निजीकरण पर रोक, ठेका व असंगठित मजदूरों को मिले उचित अधिकार समेत अन्य मांग शामिल हैं.

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By Akarsh Aniket

Akarsh Aniket is a contributor at Prabhat Khabar.

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