सिमरिया से धर्मेंद्र कुमार की रिपोर्ट
सिमरिया. प्रखंड मुख्यालय स्थित रेफरल अस्पताल के कर्मियों पर पोषण क्षेत्र के ग्रामीणों ने स्वास्थ्य संबंधी विभिन्न जांच के नाम पर अलग-अलग राशि लेने का आरोप लगाया है. ग्रामीणों का कहना है कि जांच के एवज में ली जाने वाली राशि की कोई रसीद नहीं दी जाती है. विरोध करने पर कर्मियों द्वारा विभागीय आदेश के अनुसार राशि लेने की बात कही जाती है.
ग्रामीणों ने रसीद नहीं देने का लगाया आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि अस्पताल में विभिन्न स्वास्थ्य जांच के लिए राशि ली जा रही है, लेकिन इसके एवज में उन्हें रसीद नहीं दी जाती. ग्रामीणों ने मामले को लेकर सवाल उठाये हैं. वहीं, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी बृजनंदन प्रसाद ने ग्रामीणों के आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद और निराधार बताया है.
आधुनिक मशीनों से हो रही कई प्रकार की जांच
प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने कहा कि जानकारी के अभाव में ग्रामीणों ने इस तरह का आरोप लगाया है. उन्होंने बताया कि पूर्व में अस्पताल में मलेरिया, टाइफाइड, हीमोग्लोबिन, शुगर, ब्लड ग्रुप और वीडीआरएल आदि जांच मैनुअल तरीके से नि:शुल्क की जाती थी.
वर्तमान में स्वास्थ्य केंद्र को आधुनिक मशीनों से लैस कर दिया गया है. अब मामूली जांचों के अलावा बायोकेमिस्ट्री, हेमेटोलॉजी (सीबीसी), लिवर फंक्शन, किडनी फंक्शन, लिपिड प्रोफाइल, सीआरपी, यूरिन और इसीजी समेत कई प्रकार की जांच सस्ती दरों पर उपलब्ध करायी जा रही हैं.
20 से 200 रुपये तक में हो रही जांच
अस्पताल में बायोकेमिस्ट्री और हेमेटोलॉजी (सीबीसी) जांच 150 रुपये, लिवर फंक्शन व किडनी फंक्शन 150 रुपये, लिपिड प्रोफाइल 200 रुपये, सीआरपी 90 रुपये और यूरिन जांच 20 रुपये में की जा रही है.
वहीं, मलेरिया, टाइफाइड, हीमोग्लोबिन, शुगर, ब्लड ग्रुप और वीडीआरएल आदि जांच के लिए 20 से 30 रुपये लिये जा रहे हैं. प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी के अनुसार इन जांचों की रिपोर्ट करीब 30 मिनट में उपलब्ध करा दी जाती है.
बाहर 500 से 1000 रुपये तक खर्च, अस्पताल में सस्ती जांच
प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी बृजनंदन प्रसाद ने कहा कि आधुनिक मशीनों से लैस होने का लाभ क्षेत्रवासियों को मिल रहा है. जिन जांचों के लिए बाहर 500 से 1000 रुपये तक खर्च करने पड़ते थे, वही जांचें अस्पताल में 20 से 200 रुपये तक में उपलब्ध करायी जा रही हैं.
