नदियों व वन भूमि में बड़े पैमाने पर अवैध खेती
15 सीएच 16- लहलहा रही पोस्ते की फसल.
प्रतिनिधि, चतराजिले में इस बार भी बड़े पैमाने पर पोस्ता (अफीम) की अवैध खेती की गयी है. सबसे अधिक लावालौंग और कुंदा थाना क्षेत्रों में पोस्ता की खेती होने की जानकारी मिल रही है. इन इलाकों में पोस्ते की फसल लहलहा रही है. गुलाबी व सफेद फूलों से खेत पटे हुए हैं. ज्यादातर खेती सुदूरवर्ती इलाकों व नदियों के किनारे वन भूमि पर की गयी है. सूत्रों के अनुसार, कुछ क्षेत्रों में पोस्ता से अफीम निकालने का कार्य भी शुरू हो चुका है. सुबह-शाम पोस्ता के फल पर चीरा लगाकर अफीम निकाली जा रही है, जबकि कई जगह इसकी तैयारी चल रही है. बताया जाता है कि तस्कर सक्रिय हैं और ग्रामीणों को पैसों का लालच देकर पोस्ता की खेती कराते हैं. इस अवैध खेती का क्षेत्र पर नकारात्मक प्रभाव भी पड़ रहा है. रातोंरात अधिक कमाई की लालसा में लोग इस धंधे से जुड़ रहे हैं. काली कमाई से आलीशान मकान बनाये जा रहे हैं और दोपहिया व चारपहिया वाहन खरीदे जा रहे हैं. जिला प्रशासन व पुलिस प्रशासन द्वारा लगातार पोस्ता की खेती नहीं करने को लेकर जागरूकता अभियान चलाया गया है. ग्रामीणों को शपथ भी दिलायी गयी, इसके बावजूद कई स्थानों पर पोस्ता की खेती की गयी है। हालांकि पुलिस द्वारा अभियान चलाकर पोस्ता की फसल नष्ट की जा रही है तथा इसमें संलिप्त लोगों को चिन्हित किया जा रहा है.
इन क्षेत्रों में की गयी है पोस्ते की खेतीलावालौंग थाना क्षेत्र के पसांगम, हरैया महुआ, बरमुड़वा, बुढ़ी डगडरिया, जोभीचेतनटांड़, सौरू, हुड़गुमा टोंगरी, बड़कागढ़ा, बरबोरवा, करिवापथल, गोड़टूटवा, लंबी आसानगड़ा, बुढ़ी भंगिया, चूकु नदी, टेड़ाखौरा समेत अन्य क्षेत्रों में पोस्ते की खेती की गयी है.
कुंदा थाना क्षेत्र के इचाक, पचंबा सहित कई अन्य इलाकों में भी पोस्ता की खेती होने की सूचना है.