लावालौंग में 18 लाख का अफीम डोडा और पोस्ता बरामद, पुलिस को देखकर फरार हुए तस्कर

Chatra News: चतरा के लावालौंग थाना क्षेत्र में पुलिस ने छापेमारी कर 18 लाख रुपये मूल्य का अफीम, डोडा और पोस्ता दाना बरामद किया है. कार्रवाई के दौरान तस्कर फरार हो गये. पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तारी अभियान तेज कर दिया है. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें.

चतरा से दीनबंधू और धर्मेंद्र कुमार की रिपोर्ट

Chatra News: झारखंड के चतरा जिले के लावालौंग थाना क्षेत्र में पुलिस ने नशे के कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए भारी मात्रा में अफीम, डोडा और पोस्ता दाना बरामद किया है. मंगलवार को जोरदाग गांव में की गयी छापेमारी के दौरान पुलिस ने करीब 18 लाख रुपये मूल्य का मादक पदार्थ और 30 हजार रुपये नकद जब्त किये. हालांकि पुलिस की भनक लगते ही तस्कर मौके से फरार हो गये. इस कार्रवाई के बाद इलाके में हड़कंप मच गया. पुलिस अब फरार तस्करों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है. मामले की जानकारी बुधवार को एसडीपीओ नागरगोजे शुभम भाउसाहेब ने प्रेस वार्ता में दी.

गुप्त सूचना के आधार पर हुई छापेमारी

एसडीपीओ ने बताया कि पुलिस अधीक्षक को गुप्त सूचना मिली थी कि जोरदाग गांव में कुछ लोग अपने घरों में भारी मात्रा में अफीम, डोडा और पोस्ता दाना छिपाकर रखे हुए हैं. सूचना में यह भी कहा गया था कि तस्कर इन मादक पदार्थों को बेचने की तैयारी में हैं. सूचना मिलते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक विशेष छापेमारी दल का गठन किया. इसके बाद लावालौंग पुलिस और सशस्त्र बल के जवानों के साथ गांव में छापेमारी अभियान चलाया गया.

अलग-अलग घरों से बरामद हुआ मादक पदार्थ

छापेमारी के दौरान पुलिस ने गांव के विभिन्न घरों से बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ बरामद किया. पुलिस के अनुसार सकिन्द्र यादव के घर से 1.570 किलोग्राम सूखा अफीम पट्टा बरामद हुआ. वहीं धनेश्वर यादव के घर से दो बोरा डोडा जब्त किया गया. इसके अलावा रामबली यादव के घर से सात बोरा डोडा, एक बोरा पोस्ता दाना और 30 हजार रुपये नकद बरामद किये गये. पुलिस ने कुल मिलाकर 69.87 किलोग्राम डोडा और 25.850 किलोग्राम पोस्ता दाना जब्त किया है. साथ ही दो आधार कार्ड भी बरामद किये गये हैं, जिन्हें जांच के लिए जब्त कर लिया गया है.

तस्करों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज

एसडीपीओ नागरगोजे शुभम भाउसाहेब ने बताया कि मामले में तीनों आरोपियों के खिलाफ लावालौंग थाना कांड संख्या 34/26 के तहत एनडीपीएस एक्ट की विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गयी है. उन्होंने कहा कि पुलिस फरार तस्करों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है और जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया जायेगा. एसडीपीओ ने स्पष्ट कहा कि अफीम की खेती करने और नशे के कारोबार में शामिल लोगों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जायेगा. जिले में नशे के कारोबार के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है.

अफीम की खेती छोड़ दूसरी खेती अपनाने की अपील

पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों से अफीम की खेती छोड़कर वैकल्पिक खेती अपनाने की अपील की है. एसडीपीओ ने कहा कि लोग यदि खेती के दूसरे विकल्पों को अपनायेंगे तो उनका जीवन बेहतर हो सकता है. उन्होंने कहा कि नशे का कारोबार समाज और आने वाली पीढ़ियों के लिए घातक है. पुलिस प्रशासन लगातार लोगों को जागरूक करने का भी काम कर रहा है ताकि युवा नशे के दलदल से दूर रह सकें.

इलाके में लगातार चल रहा अभियान

चतरा जिला लंबे समय से अफीम की अवैध खेती और तस्करी को लेकर चर्चा में रहा है. पुलिस और प्रशासन की ओर से समय-समय पर अफीम के खिलाफ अभियान चलाया जाता रहा है. इसके बावजूद कई इलाकों में तस्कर सक्रिय हैं. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अब नशे के कारोबारियों के खिलाफ और सख्ती से कार्रवाई की जायेगी. गुप्त सूचना के आधार पर लगातार छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है.

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छापेमारी दल में शामिल थे कई अधिकारी

इस कार्रवाई में एसडीपीओ नागरगोजे शुभम भाउसाहेब के अलावा लावालौंग थाना प्रभारी विधायक प्रसाद यादव और सशस्त्र बल के जवान शामिल थे. पुलिस टीम की कार्रवाई के बाद इलाके में अफीम तस्करों के बीच दहशत का माहौल है.

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Published by: KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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