महाशिवरात्रि को लेकर तैयारी जोरों पर है. मंदिरों का रंग-रोगन व साफ-सफाई की गयी है. शहर के कठौतिया शिव मंदिर व लकलकवानाथ मंदिर को विशेष रूप से सजाया जा रहा है.
By Prabhat Khabar News Desk | Updated at :
चतरा. महाशिवरात्रि को लेकर तैयारी जोरों पर है. मंदिरों का रंग-रोगन व साफ-सफाई की गयी है. शहर के कठौतिया शिव मंदिर व लकलकवानाथ मंदिर को विशेष रूप से सजाया जा रहा है. हर वर्ष लकलकवानाथ शिव मंदिर से भगवान शिव का गाजे बाजे के साथ बारात निकलता है. श्रद्धालु भूत, पिचाश बन कर नाचते गाते शहर के रास्ते होते हुए कठौतिया शिव मंदिर पहुंचते है, जहां भगवान शिव व माता पार्वती का विवाह होता है. इसके बाद श्रद्धालु पुन: वापस लकलकवानाथ मंदिर पहुंचते हैं. इस दौरान श्रद्धालु हर-हर महादेव, माता पार्वती के जयकारे लगाते है. इस बार भी शिव बारात को लेकर पूरी तैयारी की गयी है. दोनों मंदिरों को भव्य रूप से सजाया गया है. विद्युत सज्जा की गयी है. ध्वनि विस्तारक यंत्र लगाये गये है. दोनों शिवालयों में पूजा अर्चना करने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ सुबह से ही उमड़ती है, जो देर शाम तक चलता रहता है. इसके अलावा जिले के सभी प्रखंडो में स्थित प्रसिद्ध शिवालयों में भी पूजा अर्चना के लिए भीड़ उमड़ती है. महाशिवरात्रि के दिन महिलाएं उपवास रख कर भगवान शिव व माता पार्वती की उपासना करती है. रातभर भजन कीर्तन व भक्ति गीतो से मंदिर गूंजता रहता है.
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