हर घर नल-जल योजना प्रखंड में फेल, दर्जनों गांवों में जलमीनार खराब

कहीं मोटर जली, कहीं सोलर प्लेट टूटी; गर्मी से पहले पेयजल संकट की आशंका

कहीं मोटर जली, कहीं सोलर प्लेट टूटी; गर्मी से पहले पेयजल संकट की आशंका

प्रतिनिधि, कान्हाचट्टी

केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी हर घर नल-जल योजना प्रखंड में पूरी तरह दम तोड़ती नजर आ रही है. योजना के तहत लगायी गयी कई जलमीनार या तो खराब पड़े हैं या आधे-अधूरे छोड़ दिये गये हैं. नतीजतन लोगों को योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है. कुछ स्थानों पर जलमीनार से लोगों को कुछ महीनों तक पानी मिला, लेकिन खराब होने के बाद उनकी मरम्मत की दिशा में कोई पहल नहीं की गयी. गर्मी का मौसम नजदीक आते ही लोगों की चिंता बढ़ने लगी है. जलमीनारों को दुरुस्त कराने में न तो पदाधिकारियों का ध्यान है और न ही जनप्रतिनिधियों की सक्रियता दिख रही है.

इन गांवों में खराब पड़ी हैं जलमीनार

कोल्हैया पंचायत के कोटाप गांव में लगा जलमीनार चार माह से खराब है. बकचुंबा पंचायत के बाराबागी गांव में एक साल से जलमीनार बंद पड़ा है. तुलबुल पंचायत के जसपुर कसमार टोला में जलमीनार की मोटर खराब है, जबकि इसी गांव में इंद्रदेव यादव के घर के पास केवल पानी की टंकी लगाकर छोड़ दिया गया है. इसके अलावा बेंगोकला पंचायत के कुराग, केंदुआ सहोर, चौरटांड़, तुलबुल पंचायत के तुलबुल, करमा, कंदरी बाजार, अरमेदाग भोगता टोली तथा मदगड़ा पंचायत के कठौतिया, दारीदाग, हरहद समेत कई गांवों में जलमीनार खराब पड़े हैं.

लोगों ने कही परेशानी

कोटाप गांव के मिथिलेश यादव ने बताया कि दो वर्ष पूर्व गांव में जलमीनार लगाया गया था. उस समय लोगों को पानी की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद जगी थी, लेकिन चार माह से जलमीनार बंद है, जिससे परेशानी बढ़ गयी है.कसमार टोला के हेमराज भुइयां ने कहा कि दलित बस्ती के 30 घरों में एक भी चापाकल नहीं है. दो वर्ष पहले लगा जलमीनार कुछ दिनों तक चला, लेकिन समरसेबल खराब होने और सोलर प्लेट टूटने के बाद से बंद पड़ा है. लोगों को पानी के लिए भटकना पड़ रहा है. इंद्रदेव यादव ने कहा कि उनके घर के पास जलमीनार के नाम पर सिर्फ टंकी लगाई गई है। मोटर नहीं डाले जाने से पानी की आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी है.कुराग गांव के रूपलाल सिंह भोगता ने बताया कि उनके गांव का जलमीनार एक वर्ष से खराब पड़ा है. ग्रामीणों ने उपायुक्त से मांग की है कि गर्मी शुरू होने से पहले सभी खराब जलमीनारों की मरम्मत करायी जाए, ताकि लोगों को पेयजल संकट का सामना न करना पड़े.

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By Akarsh Aniket

Akarsh Aniket is a contributor at Prabhat Khabar.

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