चतरा के गिद्धौर में थाना प्रभारी सहित दो जवान सस्पेंड, वीडियो वायरल होने के बाद की गई कार्रवाई

Chatra News: चतरा के गिद्धौर थाना प्रभारी सहित दो पुलिस जवानों को वायरल वीडियो के बाद सस्पेंड किया गया. एसओपी उल्लंघन और बिना अनुमति दूसरे थाना क्षेत्र में कार्रवाई करने का आरोप है. जांच रिपोर्ट के आधार पर एसपी ने कड़ा एक्शन लिया, जिससे पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है. इससे संबंधित पूरी खबर नीचे पढ़ें.

चतरा से मो तसलीम की रिपोर्ट

Chatra News: झारखंड के चतरा जिले में पुलिस विभाग के अंदर बड़ी कार्रवाई सामने आई है. गिद्धौर थाना प्रभारी सहित दो पुलिस जवानों को सस्पेंड कर दिया गया है. यह कार्रवाई एक वायरल वीडियो के सामने आने के बाद की गई, जिसने पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए.

एसपी ने लिया कड़ा एक्शन

चतरा के एसपी सुमित कुमार अग्रवाल ने गिद्धौर थाना प्रभारी शिवा यादव, सीसीटीएनएस ऑपरेटर दिलीप कुमार और मुंशी महेश कुमार के खिलाफ सस्पेंशन की कार्रवाई की है. तीनों पर एसओपी के उल्लंघन, बिना वरीय अधिकारी को सूचना दिए दूसरे थाना क्षेत्र में छापेमारी करने और पुलिस की छवि धूमिल करने के आरोप लगे हैं.

वायरल वीडियो बना कार्रवाई का आधार

दरअसल, कुछ दिन पहले एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था. इस वीडियो में थाना प्रभारी अपने दो पुलिसकर्मियों और एक अन्य युवक के साथ सादे कपड़ों में नजर आए. वे राजपुर थाना क्षेत्र के बिंधानी गांव पहुंचे थे, जहां एक युवक को जबरन पकड़कर गाड़ी में बैठाने की कोशिश की जा रही थी.

ग्रामीणों ने किया विरोध

वीडियो में देखा गया कि जिस युवक को पकड़ा जा रहा था, उसकी पहचान संदीप दांगी के रूप में हुई. उसे जबरन ले जाने का प्रयास किया जा रहा था, जिसका परिजनों और ग्रामीणों ने जमकर विरोध किया. इस दौरान मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और ग्रामीणों ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए.

जांच के बाद हुई सस्पेंशन की कार्रवाई

वीडियो वायरल होने के बाद एसपी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सिमरिया एसडीपीओ शुभम खंडेलवाल को जांच का निर्देश दिया. एसडीपीओ ने पूरे मामले की जांच कर रिपोर्ट एसपी को सौंपी. जांच में एसओपी उल्लंघन समेत कई अनियमितताएं सामने आईं, जिसके आधार पर यह सख्त कार्रवाई की गई.

बाहरी व्यक्ति की भूमिका भी आई सामने

जांच के दौरान यह भी सामने आया कि इस पूरी कार्रवाई में एक बाहरी चालक बिट्टू दांगी भी शामिल था. यह बात पुलिस की कार्यप्रणाली पर और सवाल खड़े करती है कि बिना आधिकारिक प्रक्रिया के बाहरी व्यक्ति को ऐसे ऑपरेशन में कैसे शामिल किया गया.

एक सप्ताह में दूसरी बड़ी कार्रवाई

चतरा जिले में यह एक सप्ताह के अंदर दूसरी बड़ी कार्रवाई है. इससे पहले 4 अप्रैल को लावालौंग थाना प्रभारी प्रशांत मिश्रा को अफीम से जुड़े मामले में सस्पेंड किया गया था. लगातार हो रही इन कार्रवाइयों से साफ है कि जिले में पुलिस प्रशासन अब अनुशासनहीनता को लेकर सख्त रुख अपना रहा है.

पुलिस विभाग में मचा हड़कंप

लगातार हो रही सस्पेंशन की कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है. अधिकारियों और कर्मियों के बीच यह संदेश साफ गया है कि नियमों के उल्लंघन और मनमानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

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जांच जारी, आगे और होगी कार्रवाई

फिलहाल इस पूरे मामले की जांच जारी है. पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मामले की गहराई से पड़ताल कर रहे हैं. संभावना जताई जा रही है कि जांच के आधार पर आगे और भी कार्रवाई हो सकती है. इस घटना ने न सिर्फ पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि आम लोगों के बीच भरोसे को भी प्रभावित किया है. ऐसे में पारदर्शिता और नियमों का पालन सुनिश्चित करना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन गया है.

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By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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