चतरा. चतरा कॉलेज में गुरुवार को पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत बेटी बचाओ एवं कन्या भ्रूण हत्या विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया. सिविल सर्जन कार्यालय के डीपीएम संगीता बाला एक्का ने कहा कि समाज में महिलाओं के सम्मान व अधिकारों की बात की जाती है, लेकिन आज भी कई स्थानों पर कन्या भ्रूण हत्या जैसी अमानवीय घटनाएं हो रही हैं. यह न केवल मानवता के खिलाफ अपराध है, बल्कि समाज के संतुलन व भविष्य के लिए भी खतरा है. मनोज कुमार पांडेय ने विद्यार्थियों को पीसीपीएनडीटी एक्ट 1994 से संबंधित जानकारी दी. प्राचार्य डॉ मुकेश कुमार झा ने कहा कि कन्या भ्रूण हत्या महापाप है. सभी के सहयोग से इसपर रोक लगाने की आवश्यकता है. कार्यक्रम का संचालन प्रो अतुल अनुराग तिर्की ने किया. मौके पर डॉ बिस्मिल्लाह खान, डॉ हेमंत कुमार मिश्रा, प्रो बालेश्वर राम, डॉ अंशुमय लायक, प्रो चंद्रकांत कमल, प्रो अमित प्रवीण तिग्गा, प्रशांत कुमार समेत कई शामिल थे.
कन्या भ्रूण हत्या मानवता के लिए अपराध : डीपीएम
सिविल सर्जन कार्यालय के डीपीएम संगीता बाला एक्का ने कहा कि समाज में महिलाओं के सम्मान व अधिकारों की बात की जाती है, लेकिन आज भी कई स्थानों पर कन्या भ्रूण हत्या जैसी अमानवीय घटनाएं हो रही हैं.
