किसान बिचौलियों के हाथों धान बेचने को विवश

जिले में अब तक धान अधिप्राप्ति केंद्र नहीं खुला है.

चतरा. जिले में अब तक धान अधिप्राप्ति केंद्र नहीं खुला है. इस कारण किसान औने-पौने दाम पर बिचौलियों के हाथों धान बेचने को विवश हैं. इससे किसानों को नुकसान का सामना करना पड़ रहा है. बिचौलिया कहीं 15 रुपये, तो कहीं 16 व 17 रुपये प्रति किलो की दर से धान खरीद रहे हैं. बिचौलिया किसानों के खलिहानों तक पहुंचकर धान की खरीदारी कर रहे है. हर रोज ट्रैक्टर व ट्रक पर धान को लादकर ले जा रहे हैं. इस बार जिले में धान का अच्छा उत्पादन हुआ है. जिले में 16.22 लाख 385 क्विंटल धान का उत्पादन हुआ है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 5.14 लाख 851 क्विंटल अधिक है. अच्छी बारिश होने के कारण रिकॉर्ड धान का उत्पादन हुआ है. किसानों का कहना है कि धान फुटने के समय बेमौसम बारिश नहीं होती, तो और अच्छी फसल होती. पत्थलगड्डा प्रखंड बाजाेबार गांव के किसान महावीर प्रसाद ने बताया कि सरकार द्वारा धान की खरीदारी शुरू नहीं किये जाने से मजबूरन सस्ते दर पर धान बेचना पड़ रहा है. धान बेचकर दूसरे फसल की तैयारी में लग गये हैं. नावाडीह के तारकेश्वर राणा ने कहा कि पैक्स में धान बेचने के बाद विलंब से भुगतान होता हैं. इस कारण सस्ते दर पर धान बेचते हैँ, तो एक मुश्त राशि मिल जाती है. रामसेवक दांगी, गोपाल दांगी, उमेश दांगी ने बताया कि समय पर धान की खरीदारी शुरू नहीं होती है. इस कारण व्यापारियों के पास सस्ते दर पर धान बेचना पड़ रहा है. वर्जन::: जिले में 30 धान अधिप्राप्ति केंद्र खोला जाना प्रस्तावित है. केंद्रों की समीक्षा की जा रही है. बहुत जल्द प्रक्रिया पूरी कर केंद्र खोले जायेंगे. 15 दिसंबर से धान की खरीदारी शुरू की जायेगी. उन्होंने किसानों से जल्दबाजी नहीं करने की अपील की है. नीतू सिंह, डीएसओ

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Author: ANUJ SINGH

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