टंडवा. आम्रपाली कोल परियोजना क्षेत्र के प्रभावित एवं विस्थापित हाइवा मालिकों की बैठक शुक्रवार को सेरनदाग फुटबॉल मैदान में हुई. बैठक की अध्यक्षता हेमराज कुमार ने की. संचालन मुकेश साव ने किया. बैठक में हाइवा परिचालन से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गयी. सर्वसम्मति से टंडवा क्षेत्र की सभी माइंस में टिपर-ट्रेलर का परिचालन पूर्ण रूप से बंद करने की मांग उठायी गयी. वक्ताओं ने कहा कि क्षेत्र में लगभग 1200 सोलह चक्का हाइवा वाहन उपलब्ध हैं, जो कोयला ढुलाई के लिए पर्याप्त हैं. स्थानीय विस्थापित व प्रभावित लोगों को प्राथमिकता देते हुए कोयला परिवहन इन्हीं वाहनों से कराने की मांग की गयी. बैठक में डीजल, यूरिया, वाहन पार्ट्स और चालकों के वेतन में लगातार बढ़ोतरी पर चिंता जतायी गयी तथा कोयला ढुलाई के भाड़े में वृद्धि करने का निर्णय लिया गया. मौके पर मोहन कुमार, दशरथ महतो, केदार महतो, कृष्णा कुमार, रामचंद्र साव, निर्मल महतो, दिलीप महतो, चेतलाल साव, नरेश साव, कामख्या कुमार, अजय साव, महेंद्र साव, झमन साव समेत अन्य लोग उपस्थित थे.
टिपर-ट्रेलर परिचालन बंद करने की उठायी मांग
परियोजना क्षेत्र के प्रभावित एवं विस्थापित हाइवा मालिकों की बैठक
