चतरा: नाबालिग से शादी करने पहुंचा दो बच्चों का बाप , प्रशासन के दबिश के बाद टली शादी

चतरा में एक नाबालिग बच्ची की शादी उसकी मर्जी के खिलाफ दो बच्चों के पिता से कराई जा रही थी. ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों के प्रयास के बावजूद परिजन नहीं माने. सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आया और बाल विवाह कानून के तहत कार्रवाई की चेतावनी देकर शादी रुकवाई.

बिहारी कुमार की रिपोर्ट

चतरा. प्रतापपुर थाना क्षेत्र की मोनिया पंचायत अंतर्गत बिचकिला गांव में नाबालिग बच्ची की शादी कराने का मामला सामने आया है. बताया जा रहा है कि नाबालिग की मर्जी के खिलाफ उसके माता और दादा उसकी शादी दो बच्चों के पिता से कराने की तैयारी कर रहे थे. मामले की जानकारी ग्रामीणों को मिलने के बाद स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने परिवार को समझाने का प्रयास किया, लेकिन परिजन शादी कराने पर अड़े रहे. इसके बाद प्रशासन की पहल से नाबालिग की शादी फिलहाल टल गयी.

लड़की की शिक्षा और भविष्य प्रभावित

ग्रामीणों के अनुसार, मामले की जानकारी मिलने पर मोनिया पंचायत के मुखिया अमरेश सिंह और घोरीघाट मंडल अध्यक्ष रामाशंकर गुप्ता नाबालिग के घर पहुंचे. दोनों ने परिजनों को समझाते हुए कहा कि लड़की अभी शादी के योग्य नहीं है. उन्होंने बाल विवाह से होने वाली परेशानियों के बारे में भी परिवार को जानकारी दी. जनप्रतिनिधियों ने कहा कि कम उम्र में शादी होने से लड़की की शिक्षा और भविष्य प्रभावित हो सकता है. इसके बावजूद नाबालिग की मां और दादा शादी कराने पर अड़े रहे.

परिजनों को शादी नहीं कराने की सख्त चेतावनी

बताया गया कि शुक्रवार को नाबालिग की शादी के लिए बारात आने वाली थी. इसी बीच मामले की जानकारी प्रतापपुर के अंचल अधिकारी विकास कुमार टुडू को मिली. सूचना मिलते ही सीओ अपने दल-बल के साथ बिचकिला गांव पहुंचे. उन्होंने नाबालिग के परिजनों को शादी नहीं कराने की सख्त चेतावनी दी.

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बाल विवाह कानून के तहत अपराध

सीओ ने परिजनों को बताया कि बाल विवाह कानून के तहत अपराध है. नाबालिग की शादी कराने या इसमें सहयोग करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है. उन्होंने परिवार को स्पष्ट रूप से कहा कि नाबालिग को उसकी इच्छा के खिलाफ शादी के लिए मजबूर नहीं किया जाए. प्रशासन के गांव पहुंचने और कार्रवाई की चेतावनी की जानकारी जब दूल्हे को मिली, तो वह भी पीछे हट गया. बताया गया कि दो बच्चों का पिता दूल्हा शुक्रवार की रात ही वापस लौट गया. इस तरह प्रशासन की तत्परता से नाबालिग की शादी होने से बच गयी.

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शिक्षा की कमी के कारण बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियां

इस मामले में सीओ विकास कुमार टुडू ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में अभी भी शिक्षा की कमी के कारण बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियां देखने को मिलती हैं. उन्होंने लोगों से शिक्षित बनने और बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए बाल विवाह से दूर रहने की अपील की. उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति बाल विवाह कराता है या शादी कराने की सलाह देता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

बताया गया कि नाबालिग के पिता दूसरे राज्य में मजदूरी करते हैं और घटना के समय घर पर ही थे. प्रशासन की कार्रवाई के बाद गांव में इस मामले को लेकर चर्चा बनी हुई है.


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By शेखर सुमन

शेखर सुमन एक डिजिटल पत्रकार और कंटेंट राइटर हैं, जो वर्तमान में प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में कार्यरत हैं. वे झारखंड डेस्क के रांची एडिशन के तहत राज्य के विभिन्न जिलों से जुड़ी खबरों के साथ-साथ राजनीति, प्रशासन, सामाजिक मुद्दों और जनसरोकार से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को कवर करते हैं.

प्रभात खबर से पहले शेखर सुमन ने करीब डेढ़ वर्ष तक झारखंड के डिजिटल न्यूज पोर्टल ‘सार भारत’ में रिपोर्टर के रूप में कार्य किया. इस दौरान उन्होंने राजनीतिक, सामाजिक और प्रशासनिक विषयों के साथ-साथ अपराध से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों की रिपोर्टिंग की.

शैक्षणिक रूप से शेखर सुमन ने संत जेवियर्स कॉलेज, रांची से अकाउंट्स में स्नातक की डिग्री हासिल की. इसके बाद इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (IGNOU) से वर्ष कॉमर्स में मास्टर्स और रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त की.

पत्रकारिता में उनकी विशेष रुचि राजनीति, सामाजिक मुद्दों और अपराध से जुड़ी खबरों की रिपोर्टिंग में है.

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