इटखोरी. प्रखंड क्षेत्र में युवाओं के बीच नशे की बढ़ती लत चिंता का विषय बनती जा रही है. युवा धीरे-धीरे नशे के जाल में फंसते जा रहे हैं. स्थिति और भी गंभीर इसलिए है, क्योंकि इस लत की चपेट में बड़ी संख्या में नाबालिग भी आ रहे हैं. आजकल कई युवा नशे को फैशन समझने लगे हैं. सुबह से लेकर शाम तक अलग-अलग समूहों में उनकी बैठकी लगती है, जहां सिगरेट में गांजा भरकर सेवन किया जाता है. कुछ युवक चरस के भी आदी होते जा रहे हैं. चिंता की बात यह है कि गांजा अब बेहद आसानी से उपलब्ध हो रहा है. पान गुमटियों, कुरकुरे और लेज के स्टॉलों के साथ-साथ अंडा दुकानों पर भी खुलेआम गांजा बेचा जा रहा है. सिगरेट के पैकेट में भरकर इसकी बिक्री की जा रही है, जिससे इसकी पहचान करना भी मुश्किल हो जाता है. शाम होते ही इन स्थानों पर बाइक सवार युवाओं की भीड़ लग जाती है. इटखोरी के बक्सा नहर के तार पास नामक क्षेत्र में तो रोज शाम गांजा पीने वालों का जमावड़ा देखने को मिलता है. यह बढ़ती प्रवृत्ति न केवल युवाओं के स्वास्थ्य के लिए घातक है, बल्कि समाज के भविष्य के लिए भी गंभीर खतरा बनती जा रही है. प्रशासन और अभिभावकों को मिलकर इस पर सख्ती से रोक लगाने की आवश्यकता है.
नशे की गिरफ्त में फंसते युवा, गुमटियों में खुलेआम बिक रहा गांजा
प्रखंड क्षेत्र में युवाओं के बीच नशे की बढ़ती लत चिंता का विषय बनती जा रही है.
